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एक कपल को IVF कराने का कब सोचना चाहिए? जानें कितने साल तक करना चाहिए नेचुरली ट्राई

कई बार कपल प्रेग्नेंसी के लिए ट्राई करता है, लेकिन नेचुरल तरीके से नहीं हो पाता है, तो ऐसे में कपल को आईवीएफ का ऑप्शन कब चुनना चाहिए? आइए, जानते हैं-

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Written By: Anju Rawat | Updated : June 26, 2026 7:07 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sutapa Sen

कंसीव न कर पाना, आजकल की एक बेहद आम समस्या बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके पीछे कई कारणों को जिम्मेदार माना गया है, जैसे- खराब लाइफस्टाइल, स्पर्म काउंट कम होना, हार्मोनल असंतुलन, एंडोमेट्रियोसिस और पीसीओएस आदि। दरअसल, कई कपल्स शादी के बाद फैमिली प्लानिंग शुरू करते हैं, लेकिन कुछ मामलों में लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है। ऐसे में कपल्स के मन में सवाल रहता है कि आखिर प्रेग्नेंसी के लिए कब तक नेचुरल तरीके से ट्राई करना चाहिए और आईवीएफ का विकल्प कब चुनना चाहिए?

एक कपल को IVF कराने का कब सोचना चाहिए?

अमेरिकन सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन (ASRM) के अनुसार, हर कपल को आईवीएफ के लिए एक जैसे समय का इंतजार करना जरूरी नहीं होता है। ज्यादातर मामलों में उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर आईवीएफ का निर्णय लिया जाता है।

कितने साल तक करना चाहिए नेचुरली ट्राई?

प्रेग्नेंसी के लिए सीधे आईवीएफ का विकल्प चुनना सही नहीं है। पहले नेचुरल तरीके से कंसीव करने की कोशिश करनी चाहिए, अगर इसमें सफलता नहीं मिलती है तो IVF का रुख करना सही हो सकता है। (ASRM) के अनुसार-

  • अगर महिला की उम्र 35 साल से कम है और नियमित संबंध बनाने के बावजूद भी एक साल तक गर्भधारण नहीं होता है, तो इस स्थिति में फर्टिलिटी इवैल्यूएशन करवाना सही माना जाता है।
  • अगर महिला की उम्र 35 साल से ज्यादा है तो 6 महीने तक नेचुरली ट्राई करना चाहिए, अगर कंसीव न हो तो इस स्थिति इलाज करवाने की जरूरत पड़ सकती है।
  • अगर महिला की उम्र 40 साल से ज्यादा है तो बिना किसी देरी के फर्टिलिटी इवैल्यूएशन कराना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर आईवीएफ कराया जा सकता है।

इन मामलों में नहीं करना चाहिए इंतजार!

ASRM के मुताबिक, अगर महिला या पुरुष को पहले से ही कोई मेडिकल स्थिति है, जो इनफर्टिलिटी का कारण बन सकती है तो इन मामलों में इंतजार करना सही नहीं है और बिना देरी के ही जांच कराना सही है। इन स्थितियों में शामिल हैं-

  • अगर आपको अनियमित पीरियड्स रहते हैं या पीरियड्स 3 से 4 महीने में एक बार आते हैं, तो बिना देरी के फर्टिलिटी इवैल्यूएशन कराएं।
  • अगर एंडोमेट्रियोसिस या फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी कोई समस्या है तो इन स्थितियों में कंसीव करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए इंतजार करना सही नहीं है।
  • अगर पुरुष में फर्टिलिटी संबंधी और यौन संबंध बनाने में समस्या हो तो इंतजार न करें, समय पर डॉक्टर से मिलें।

फर्टिलिटी जांच में क्या-क्या देखा जाता है?

ASRM के अनुसार, फर्टिलिटी जांच सिर्फ महिलाओं की नहीं, पुरुषों की भी होती है। इन जांचों में शामिल हैं-

  • ओव्यूलेशन सही से हो रहा है या नहीं
  • महिला की फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या नहीं
  • पुरुष के सीमेन की जांच

IVF का विकल्प कब चुनना चाहिए?

She Delhi care you deserve की फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. सुतापा सेन बताती हैं, "अगर आपकी उम्र 35 साल या उससे अधिक है और 6 महीने तक नियमित कोशिश के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। वहीं, 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र में बिना देरी के फर्टिलिटी इवैल्यूएशन कराना चाहिए। अगर डॉक्टर को कोई समस्या लगती है, तो आईवीएफ की सलाह दी जा सकती है।"

Disclaimer: रिपोर्ट के अनुसार, अगर महिला की उम्र 35 साल से कम है तो 12 महीने और 35 साल या उससे अधिक है तो 6 महीने तक नेचुरल तरीके से गर्भधारण की कोशिश करनी चाहिए, अगर कंसीव न हो तब फर्टिलिटी जांच करानी चाहिए। हालांकि, आपको कब आईवीएफ कराना चाहिए, इसका निर्णय आप या डॉक्टर ही मिलकर ले सकते हैं।