
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 16, 2026 12:21 PM IST
Ovulation Me Kya Nahi Karna Chahiye: ओव्यूलेशन यानी एक महिला का मासिक चक्र का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, जिस समय वह सबसे ज्यादा फर्टाइल (प्रजननक्षम) होती है। सरल भाषा में कहें तो यह एक महिला के मासिक धर्म चक्र का वह समय होता है, जिसमें उसके मां बनने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। गर्भधारण की कोशिश कर रही महिलाओं के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, इस समय शरीर हार्मोनल रूप से बहुत संवेदनशील हो जाता है और इस दौरान आपके द्वारा की गई छोटी-सी गलती भी प्रेग्नेंसी के चांस को कम कर सकती है। कई महिलाएं इन गलतियों के बारे में जानती ही नहीं है और अनजाने में कर जाती हैं, जो न सिर्फ प्रेग्नेंसी के चांस को बल्कि फर्टिलिटी पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। ऐसे में यदि आप कंसीव करने का प्रयास कर रही हैं, तो ओव्यूलेशन के दिनों में कुछ खास आदतों पर ध्यान देना होगा और उसे दूर करना होगा।
वैसे तो कंसीव करने की कोशिश कर रही महिलाओं को पूरी तरह से स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से दूरी बनानी चाहिए, मगर ओव्यूलेशन के समय की गई स्मोकिंग और शराब का सेवन बेहद नुकसानदायक होता है। असल में सिगरेट में मौजूद निकोटीन और शराब शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करते हैं, इससे अंडाणु की गुणवत्ता नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। इसके अलावा ही यह दोनों आदतें इम्प्लांटेशन की प्रक्रिया को भी बाधित कर सकती हैं। इसलिए ओव्यूलेशन ही नहीं बल्कि उससे पहले और बाद में भी आपको इनसे दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
ओव्यूलेशन के दौरान अत्यधिक मीठे का सेवन भी नुकसानदायक होता है। इस कारण ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है, जिस कारण इंसुलिन का संतुलन बिगड़ता है। यह असंतुलन फर्टिलिटी हार्मोन पर असर डालता है। वहीं ज्यादा शुगर के सेवन से पीसीओएस जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ने का खतरा रहता है, जो कि गर्भधारण में बाधा उत्पन्न करता है। विशेषज्ञों के अनुसार आपको इस समय फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन और साबुत अनाज को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए, जो कि आपके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होगा और आप जल्द ही गर्भधारण कर पाएंगी।
यह तो आप जानते ही है कि तनाव बहुत सी बीमारियों की जड़ है। ऐसे में मानसिक तनाव ओव्यूलेशन पर सीधा असर डालता है। अध्ययन बताते हैं कि ज्यादा स्ट्रेस लेने से कोर्टिसोल हार्मोन तेजी से बढ़ता है, जो ओव्यूलेशन को प्रभावित कर देता है। वहीं लगातार तनाव लेने से शरीर गर्भधारण के लिए अनुकूल माहौल नहीं बना पाता और गर्भधारण होने की संभावना कम हो जाती है। इसलिए इस दौरान मेडिटेशन, योग, गहरी सांस लेने की सामान्य एक्सरसाइज करें और पर्याप्त नींद लें। यह सभी चीजें गर्भधारण में सहायक होती हैं।
ओव्यूलेशन के दिनों में आपको कभी भी बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत या हैवी वर्कआउट नहीं करना चाहिए। इससे शरीर थक जाता है और हार्मोनल अपना काम सही ढंग से नहीं कर पाते हैं। साथ ही साथ इससे अंडाणु रिलीज होने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इस दौरान आप हल्की एक्सरसाइज, वॉक या स्ट्रेचिंग करें, जिससे ओव्यूलेशन पीरियड पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े और आप आसानी से गर्भधारण कर सकें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।