Written by Anju Rawat|Published : March 20, 2026 4:47 PM IST
Conceiving Problem: आजकल कई कपल्स को कंसीव करने में मुश्किल हो रही है। कंसीव न कर पाने की समस्या काफी ज्यादा आम हो गई है। यह एक काफी संवेदनशील मामला है। कई कपल्स की शिकायत होती है कि वे कंसीव करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है और बार-बार सिर्फ निराशा ही हाथ लगती है। इससे कपल्स में तनाव होने लगता है और वे सिर्फ तरह-तरह के टेस्ट करवाना शुरू कर देते हैं। जबकि, हर मामलों में टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर आपको भी लंबे समय से बार-बार कोशिश के बाद कंसीव करने में मुश्किल हो रही है तो आइए, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की यूनिट हेड डॉ. निधि रजोतिया (गोयल) से जानते हैं कि कंसीव न कर पाने पर क्या करना चाहिए?
कंसीव न होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर आप एक साल से नियमित रूप से प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रहे हैं, तो इस स्थिति में डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है। अगर आपकी उम्र 35 साल से ज्यादा है और कंसीव नहीं कर पा रही हैं तो सही वक्त पर डॉक्टर से मिलना जरूरी होता है। लेकिन, अगर अभी आपको कोशिश करते हुए 2 से 3 महीने ही हुए है, तो इस स्थिति में सभी तरह के टेस्ट करवाना जरूरी नहीं होता है।
अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी कंसीव करने में मुश्किल आ रही है, तो इस स्थिति में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।
कंसीव करने के लिए सही समय पर रिलेशन बनाना बहुत जरूरी होता है। प्रेग्नेंसी के लिए ओव्यूलेशन के दौरान संबंध बनाने की सलाह दी जाती है। अगर ओव्यूलेशन के समय पर संबंध बनाया जाता है, तो प्रेग्नेंसी की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके लिए आपको अपने ओव्यूलेशन को ट्रैक करना बहुत जरूरी है।
कुछ मामलों में महिला की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होती है, इसकी वजह से स्पर्म अंडाणु तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसकी वजह से प्रेग्नेंसी में मुश्किल हो सकती है। जब लंबे समय तक कंसीव करने में दिक्कत आती है, तो डॉक्टर इसके लिए स्कैन करवा सकते हैं। स्कैन की मदद से फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज का पता चल पाता है।
कंसीव करने के लिए आपको हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बहुत जरूरी है। बैलेंस डाइट लें, इसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन और फोलिक एसिड को जरूर शामिल करें।
रेगुलर एक्सरसाइज करें, इससे वजन कंट्रोल में रहता है और गर्भधारण आसान हो सकता है।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखें। इससे अंडाणु और शुक्राणुओं की गुणवत्ता खराब हो सकती है और प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ सकती है।
तनाव और नींद की कमी भी गर्भधारण को प्रभावित कर सकता है। इसलिए तनावमुक्त रहना बहुत जरूरी है। इसके लिए मेडिटेशन करें या अपनी हॉबीज पर ध्यान दें।
कुछ मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं। हार्मोनल के लिए ब्लड टेस्ट, यूट्रस की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड और स्पर्म एनालिसिस कराएं।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर दवाइयां लिख सकते हैं। कुछ मामलों में IUI या IVF की सलाह भी दी जा सकती है।
Highlights:
कंसीव करने के लिए पहले एक साल तक कोशिश करनी चाहिए।
कंसीव न कर पाने की स्थिति में डॉक्टर कुछ टेस्ट करवा सकते हैं।
कुछ मामलों में डॉक्टर आईवीएफ की सलाह दे सकते हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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