आईवीएफ के बाद क्या नहीं करना चाहिए? इन सावधानियों पर जरूर दें ध्यान

IVF के बाद कई महिलाओं के मन में सवाल रहे हैं जैसे आईवीएफ के बाद क्या करना चाहिए व क्या नहीं! इसलिए विषय पर सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी क्या कहती हैं, आइए जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 25, 2025 1:05 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi

World IVF Day: आजकल देर से शादी होने या खराब लाइफस्टाइल के चलने व अन्य कारणों से कुछ कपन महिलाएं मां नहीं बन पाती हैं। ऐसे में आजकल लड़कियां समय रहते फ्यूचर के लिए एग फ्रीज करवा रही हैं तो कुछ प्रियंका चोपड़ा की तरह सरोगेसी का सहारा ले रही हैं। ऐसा ही एक पॉपुलर ट्रीटमेंट हैं आईवीएफ, जिसकी मदद से महिलाएं मां बनने में सक्षम हो पा रही हैं। लेकिन कभी कबार कुछ महिलाओं को आईवीएफ भी फेल हो जाता है।

ऐसे में आईवीएफ करवाने के बाद महिलाओं को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस विषय पर हमने रिसा IVF की को-फाउंडर और सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी से बातचीत की। ‘आईवीएफ के बाद क्या नहीं करना चाहिए?’, ‘किन सावधानियों पर ध्यान देना चाहिए?’ और ‘कैसे पता चलेगा कि IVF सफल हुआ है या नहीं?’ आदि सवालों के जवाब पाने के लिए हमने डॉक्टर से बात की। आइए आपको बताते हैं उन्होंने क्या शेयर किया।

क्या बोलीं डॉक्टर बक्शी

आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें बहुत उम्मीदें और भावनाएं जुड़ी होती हैं। जब एक महिला आईवीएफ करवाती है, तो उसके शरीर और मन दोनों को आराम और ध्यान की जरूरत होती है। इसलिए यह सवाल अक्सर मन में आता है — अब क्या करना चाहिए और क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए?

अब सवाल आता है- कैसे पता चलेगा कि IVF सफल हुआ है या नहीं?

हर महिला इस दो हफ्ते के वेटिंग पीरियडमें बहुत बेचैन रहती है। वह जानने की कोशिश करती है कि उसके शरीर में कोई संकेत मिल रहा है या नहीं। हालांकि सबसे सही तरीका होता है HCG ब्लड टेस्ट, लेकिन कुछ शुरुआती लक्षणों से अंदाजा लगाया जा सकता है।

अगर IVF फेल हो रहा हो तो ये 5 संकेत मिल सकते हैं:

  1. पीरियड्स का शुरू हो जाना – अगर तय तारीख से पहले या ज्यादा ब्लीडिंग हो रही हो, तो यह एक नकारात्मक संकेत हो सकता है।
  2. पेट में लगातार दर्द या मरोड़ – खासकर अगर साथ में ब्लीडिंग हो रही हो।
  3. शरीर में कोई बदलाव महसूस न होना – जैसे सीने में भारीपन, हल्की फुलाव या जी मिचलाना। अगर ये लक्षण न हों, तो चिंता हो सकती है।
  4. होम प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आना – 14 दिन बाद किया गया टेस्ट अगर नेगेटिव आता है, तो यह साफ संकेत है।
  5. भावनात्मक बदलाव – थकान के साथ ज्यादा चिड़चिड़ापन या मन का बेचैन रहना भी कभी-कभी हार्मोनल सपोर्ट के असर की कमी का संकेत हो सकता है।

लेकिन याद रखें, हर शरीर अलग होता है। सिर्फ लक्षण देखकर किसी नतीजे पर न पहुंचें। डॉक्टर से सलाह लेकर ही कोई निष्कर्ष निकालें।

आईवीएफ का सफर आसान नहीं होता, लेकिन सही देखभाल, धैर्य और डॉक्टर की सलाह से सफलता की संभावना जरूर बढ़ जाती है। अगर आपको किसी भी तरह की दिक्कत या शंका हो, तो बिना देरी के अपने डॉक्टर से संपर्क करें — क्योंकि आपका हर कदम आपकी खुशखबरी के और करीब हो सकता है।

FAQs

ट्रांसफर के कितने दिन बाद पॉजिटिव रिजल्ट मिल सकता है?

भ्रूण ट्रांसफर के बाद गर्भावस्था की पुष्टि के लिए आमतौर पर 14 दिन बाद रक्त परीक्षण (बीटा एचसीजी) किया जाता है। अगर स्थानांतरण सफल रहा है, तो 14 दिनों के बाद एचसीजी का स्तर 25 mIU/ml से अधिक होगा, जो गर्भावस्था की पुष्टि करता है।

क्या आईवीएफ 100% सफल है?

नहीं, आईवीएफ 100% सफल नहीं होता।

IVF को सफल कैसे बनाएं?

IVF को सफल बनाने के लिए आप एक विश्वसनीय फर्टिलिटी सेंटर का चुनें, अनुभवी फर्टिलिटी विशेषज्ञों से बात करें, IVF प्रक्रिया को समझें, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता दें, अपने वजन को नियंत्रित रखें और तनाव को नियंत्रित करने के लिए रिलैक्सेशन तकनीकों का उपयोग करें।

आईवीएफ करवाने के बाद क्या सावधानी रखनी चाहिए?

IVF के बाद की केयर में आराम करना, स्वस्थ आहार लेना, तनाव से बचना और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना आदि शामिल है।

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