
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 5, 2026 2:06 PM IST
Medically Verified By: Dr. N. Sarada Vani
hCG test in Pregnancy
hCG level During pregnancy : प्रेग्नेंसी की शुरुआत में शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनमें hCG (Human Chorionic Gonadotropin) हार्मोन बेहद अहम भूमिका निभाता है। यह हार्मोन गर्भ ठहरने के बाद बनना शुरू होता है और यही प्रेग्नेंसी टेस्ट में पॉजिटिव रिजल्ट दिखाता है। गर्भावस्था के शुरुआती सप्ताह में hCG लेवल की जांच से डॉक्टर यह समझने की कोशिश करते हैं कि प्रेग्नेंसी सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है या नहीं। ऐसे में हर प्रेग्नेंट महिला को एससीजी लेवल के बारे में जानकारी होना जरूरी होता है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डॉ. सरदा वाणी यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में गायनेकोलॉजिस्ट एंड ऑब्सेटिक की सीनियर कंसल्टेंट, मिनिमल एक्सेस सर्जन (लैप्रोस्कोपी) और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी एक्सपर्ट से बातचीत की है। आइए जानते हैं डॉक्टर से-
अधिकांश स्वस्थ गर्भावस्थाएं बेहद कम hCG लेवल से शुरू होती हैं। गर्भधारण के बाद शुरुआती दिनों में यह हार्मोन तेजी से बढ़ता है और आमतौर पर हर 48 से 72 घंटे में लगभग दोगुना हो सकता है। यही तेजी से बढ़ता लेवल इस बात का संकेत माना जाता है कि गर्भावस्था सामान्य तरीके से विकसित हो रही है।
एचसीजी का कोई एक तय आदर्श नंबर नहीं होता, क्योंकि हर महिला के शरीर में इसका स्तर अलग-अलग हो सकता है। फिर भी सामान्य तौर पर आखिरी पीरियड के लगभग 4 सप्ताह बाद में 5 से 426 mIU/mL तक रहता है।
6 से 7 सप्ताह के बीच कई हजार से लेकर 20,000 mIU/mL या उससे अधिक हो सकता है। 8 से 11 सप्ताह के बीच hCG लेवल अपने पीक पर पहुंच सकता है। इसके बाद यह स्तर धीरे-धीरे कम होकर स्थिर होने लगता है।
डॉक्टर अनूप कहते हैं कि hCG का लेवल एक बार देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि समय के साथ hCG लेवल किस तरह बढ़ रहा है। अगर लेवल सही गति से बढ़ रहा है, तो यह सामान्य प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकता है। वहीं, अगर hCG धीरे बढ़े, स्थिर रहे या कम होने लगे, तो डॉक्टर आगे जांच की सलाह दे सकते हैं।
अगर प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग, पेट दर्द, चक्कर आना या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे मामलों में गायनेकोलॉजिस्ट hCG रिपोर्ट के साथ अल्ट्रासाउंड स्कैन और लक्षणों को देखकर स्थिति का सही आकलन करते हैं।
ध्यान रखें, हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है और hCG की नॉर्मल रेंज काफी व्यापक होती है। इसलिए किसी एक रिपोर्ट के आधार पर घबराने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है। सही समय पर जांच और नियमित मॉनिटरिंग से स्वस्थ गर्भावस्था सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
Diclaimer : प्रेग्नेंसी में एचसीजी का लेवल हर महिला में अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में किसी दूसरे की रिपोर्ट देखकर घबराए नहीं। अपनी स्थिति के बारे में डॉक्टर को बताएं और सही जांच कराएं, ताकि प्रेग्नेंसी में अगर किसी तरह की परेशानी हो, तो समय पर इलाज हो सके।
प्रेग्नेंसी में यूटीआई होने पर दवाइयां जरूर लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और समय से इलाज कराएं।
जी हां, 40 के बाद भी मां बनना संभव है। लेकिन, इस उम्र में प्रेग्नेंसी में कई चुनौतियों से जूझना पड़ सकता है।
नहीं, डॉक्टर की सलाह के बिना एंटासिड का अधिक सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यह शिशु के विकास को प्रभावित कर सकता है।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.