गर्भावस्था के दौरान TSH का कौन सा स्तर खतरनाक है?
Thyroid in Pregnancy : प्रेग्नेंसी में थायराइड का स्तर अगर बढ़ गया हो या फिर काफी कम हो, तो यह दोनों ही स्थिति घातक हो सकती है। डॉक्टर से जानिए प्रेग्नेंसी में TSH का लेवल किस स्तर में जाकर घातक हो सकता है?
What is a safe TSH level during pregnancy : प्रेग्नेंसी के दौरान हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव देखने को मिलते हैं। इस दौरान न सिर्फ ब्लड शुगर का लेवल ऊपर नीचे होता है, बल्कि थायराइड का स्तर भी ऊपर नीचे हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड का स्तर नियमित रूप से चेक करने की जरूरत होती है। दरअसल, अगर प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड काफी बढ़ जाए, तो इससे भ्रूण के विकास में असर पड़ सकता है। साथ ही बच्चे के दिमाग के विकास पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड का लेवल कितना होना चाहिए, इस बात की जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए। इस आर्टिकल में हम डॉ. माधवी रेड्डी वेन्नापुसा, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में सीनियर कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट से जानेंगे कि प्रेग्नेंसी में कितना थायराइड लेवल खतरनाक हो सकता है? आइए विस्तार से जानते हैं-
हाइपोथायराइडिज्म में कितना होना चाहिए TSH
अगर आपको हाइपोथायराइडिज्म की समस्या है, तो पहली तिमाही में TSH का लेवल 2.5 mIU/L से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक TSH लेवल होना, एक चिंता का विषय बन सकता है। डॉक्टर माधवी कहती हैं कि अगर टीएसएच का स्तर 4.5 mIU/L से अधिक होता है, जो इस स्थिति में गर्भपात का खतरा दोगुना हो जा सकता है। वहीं, अगर 10 mIU/L से अधिक टीएसएच लेवल में गर्भपात का खतरा चार गुना हो जा सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य समस्याएं होने का खतरा रहता है, जैसे-
- समय से पहले जन्म
- जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना
- प्री-एक्लेम्पसिया
- प्लेसेंटल एब्रप्शन
- नवजात शिशु में हाइपोथायरॉइडिज्म की संभावना बढ़ जाती है।
- इसके अलावा विकास में भी देरी हो सकती है।
हाइपरथायरॉइडिज्म में कितना होना चाहिए TSH
अगर आप पहले से हाइपथायराइडिज्म से जूझ रही हैं, तो प्रेग्नेंसी में TSH का स्तर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में TSH का लेवल 0.2 mIU/L से कम होना काफी घातक हो सकता है। मुख्य रूप से टीएसएच कम होने के साथ-साथ अगर फ्री T4 का लेवल बढ़ा हुआ हो, तो यह खतरनाक स्थिति हो सकती है। इसकी वजह से कुछ समस्याएं होने खा खतरा रहता है, जैसे-
FAQ'S
1. थायराइड हार्मोन कौन-कौन से होते हैं?
2. थायराइड ग्रंथि क्या होती है?
3. क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?
4. थायराइड में गले में दर्द होता है?
- इससे समय से पहले डिलीवरी
- भ्रूण के विकास में रुकावट
- जन्म के समय कम बच्चे का वजन कम होना
- प्री-एक्लेम्पसिया
- हार्ट फेलियर या थायराइड स्टॉर्म जैसी दुर्लभ स्थितियां हो सकती हैं।
डॉक्टर माधवी कहती हैं कि ध्यान रखें कि पहली तिमाही में TSH का लक्ष्य 0.2–2.5 mIU/L होना चाहिए। इसके साथ ही फ्री T4 सामान्य सीमा के ऊपरी स्तर पर होना चाहिए।
हर तिमाही में होता है अलग-अलग लक्षण
डॉक्टर कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के हर तिमाही में लक्ष्य अलग-अलग होते हैं: TSH <2.5 (पहली तिमाही), <3.0 (दूसरी/तीसरी तिमाही) mIU/L होता है।
डरने की कब है जरूरत?
कुछ स्थितियों में आपको डरने की जरूरत होती है, जैसे-
- शरीर में काफी ज्यादा थकान होना।
- वजन में उतार-चढ़ाव
- दिल की धड़कन तेज होने, जैसे लक्षण दिखे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रेग्नेंसी में थायराइड को कैसे करें कंट्रोल?
- हाइपोथायराइडिज्म में लेवोथायरॉक्सिन जल्दी शुरू करनी चाहिए।
- हाइपरथायरॉइडिज़्म में PTU (एंटी-थायरॉइड दवा) डॉक्टर की निगरानी में लें।
- हर 4 से 6 हफ्ते में फॉलो-अप जरूरी लें।
- दवा की डोज समय-समय पर बदलनी पड़ सकती है
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।