
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : April 16, 2026 3:10 PM IST
Medically Verified By: Dr. Madhavi Reddy Vennapusa
Pregnancy thyroid
What is a safe TSH level during pregnancy : प्रेग्नेंसी के दौरान हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव देखने को मिलते हैं। इस दौरान न सिर्फ ब्लड शुगर का लेवल ऊपर नीचे होता है, बल्कि थायराइड का स्तर भी ऊपर नीचे हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड का स्तर नियमित रूप से चेक करने की जरूरत होती है। दरअसल, अगर प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड काफी बढ़ जाए, तो इससे भ्रूण के विकास में असर पड़ सकता है। साथ ही बच्चे के दिमाग के विकास पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड का लेवल कितना होना चाहिए, इस बात की जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए। इस आर्टिकल में हम डॉ. माधवी रेड्डी वेन्नापुसा, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में सीनियर कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट से जानेंगे कि प्रेग्नेंसी में कितना थायराइड लेवल खतरनाक हो सकता है? आइए विस्तार से जानते हैं-
अगर आपको हाइपोथायराइडिज्म की समस्या है, तो पहली तिमाही में TSH का लेवल 2.5 mIU/L से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक TSH लेवल होना, एक चिंता का विषय बन सकता है। डॉक्टर माधवी कहती हैं कि अगर टीएसएच का स्तर 4.5 mIU/L से अधिक होता है, जो इस स्थिति में गर्भपात का खतरा दोगुना हो जा सकता है। वहीं, अगर 10 mIU/L से अधिक टीएसएच लेवल में गर्भपात का खतरा चार गुना हो जा सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य समस्याएं होने का खतरा रहता है, जैसे-
अगर आप पहले से हाइपथायराइडिज्म से जूझ रही हैं, तो प्रेग्नेंसी में TSH का स्तर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में TSH का लेवल 0.2 mIU/L से कम होना काफी घातक हो सकता है। मुख्य रूप से टीएसएच कम होने के साथ-साथ अगर फ्री T4 का लेवल बढ़ा हुआ हो, तो यह खतरनाक स्थिति हो सकती है। इसकी वजह से कुछ समस्याएं होने खा खतरा रहता है, जैसे-
डॉक्टर माधवी कहती हैं कि ध्यान रखें कि पहली तिमाही में TSH का लक्ष्य 0.2–2.5 mIU/L होना चाहिए। इसके साथ ही फ्री T4 सामान्य सीमा के ऊपरी स्तर पर होना चाहिए।
डॉक्टर कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के हर तिमाही में लक्ष्य अलग-अलग होते हैं: TSH <2.5 (पहली तिमाही), <3.0 (दूसरी/तीसरी तिमाही) mIU/L होता है।
कुछ स्थितियों में आपको डरने की जरूरत होती है, जैसे-
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से 2 हार्मोन बनाती है। इसमें टी3 और टी4 शामिल हैं।
थायराइड एक तितली के आकार की छोटी ग्रंथि होती है, गर्दन के सामने मौजूद रहती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है।
अगर सही समय पर थायराइड की इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन, थायराइड का इलाज करने के लिए सिर्फ दवाइयां ही नहीं, सही लाइफस्टाइल भी बहुत जरूरी होता है।
हां, थायरॉइड में गले में दर्द होता है। व्यक्ति को निगलने में भी कठिनाई हो सकती है।
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