प्रेग्नेंसी में नॉर्मल थायराइड कितना होता है? जानिए Thyroid कंट्रोल करने के 4 तरीके

Thyroid In Pregnancy: प्रेग्नेंसी में थायराइड का स्तर बढ़ने से मां और गर्भस्थ शिशु का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। आइए, डॉक्टर से जानते हैं प्रेग्नेंसी में थायराइड लेवल कितना होना चाहिए?

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Written By: priya mishra | Published : April 5, 2025 3:01 PM IST

Thyroid in Pregnancy in Hindi: मां बनना हर महिला के लिए दुनिया का सबसे सुखद अहसास होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अक्सर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में थायराइड की समस्या हो जाती है। जो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। प्रेग्नेंसी में थायराइड का स्तर बढ़ने से शिशु का मानसिक विकास प्रभावित होता है। आपको बता दें कि थायराइड के दो प्रकार होते हैं, पहला   हाइपोथायरायडिज्म और दूसरा हाइपरथायरायडिज्म। हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है। इसमें चेहरे पर सूजन, थकान, कब्ज की समस्या, वजन बढ़ना, शरीर में ऐंठन आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। वहीं, हाइपरथायरायडिज्म में थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाती है। इस स्थिति में पसीना आना, नजर कमजोर होना, पेट खराब होना, वजन कम होना, चक्कर आना, भूख कम या ज्यादा लगना आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि प्रेग्नेंसी में थायराइड का सामान्‍य स्‍तर कितना होना चाहिए? साथ ही, प्रेग्नेंसी में थायराइड को कंट्रोल करने के उपायों के बारे में भी जानकारी देंगे। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ राहुल मनचंदा से बात की।    

प्रेग्नेंसी में थायराइड का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए?- Normal Range of Thyroid In Pregnancy

प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड का सामान्‍य स्‍तर 0.4-4mIU/L होना चाहिए। साथ ही, प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में, थायराइड का स्तर 0.1 mIU/L से कम और 2.5 mIU/L से अधिक नहीं होना चाहिए। दूसरी तिमाही में थायराइड का स्तर 0.2 mIU/L से कम और 3.0 mIU/L से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि तीसरी तिमाही में थायराइड का स्तर 0.3 mIU/L से कम और 3.0 mIU/L से अधिकतम नहीं होना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में थायराइड कैसे टेस्ट करें? - How To Check Thyroid in Pregnancy In Hindi

यदि आप प्रेग्नेंसी में थायराइड टेस्ट करवाना चाहती हैं, तो हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण नजर आने पर टीएसएच टेस्ट करवा सकती हैं। यह एक ब्लड टेस्ट होता है, जिसमें टीएसएच का स्तर सामान्य नजर आने पर आपको हाइपरथायराइडिज्‍म हो सकता है। आपको बता दें कि डॉक्टर शरीर में हार्मोन के स्‍तर को संतुलित करने के लिए एंटी-थायराइड की दवा खाने की सलाह देते हैं। इस दवा को खाने से आपका शिशु बिल्कुल सुरक्षित रहता है।

प्रेग्नेंसी में थायराइड लेवल को कंट्रोल करने के उपाय - Tips To Control Thyroid During Pregnancy In Hindi

  • प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड को कंट्रोल करने के लिए आपको डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। प्रेग्नेंसी में थायराइड की दवा को एक दिन भी स्किप न करें, क्योंकि इस लापरवाही से आपके थायराइड का स्तर बढ़ सकता है।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान शुगर, रिफाइंड तेल और चाय का सेवन कम मात्रा में करें।
  • महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान तनाव भी होता है, जिससे कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। इसकी वजह से थायराइड का स्तर भी बढ़ने लगता है। इसलिए तनाव को खुद पर हावी न होने दें और इसे कम करने के लिए व्यायाम व योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • थायराइड को कंट्रोल करने के लिए आयोडीन का सेवन अधिक करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिंकल केवल सामान्य  जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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