प्रेग्नेंसी नहीं होने पर भी दिखाई दे गर्भवती होने के लक्षण तो आपको हुई है फॉल्स प्रेग्नेंसी, इस 1 तरीके से लगाएं पता

फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिला को वे सभी लक्षण दिखाई देते हैं, जो गर्भावस्था से जुड़े होते हैं लेकिन ऐसा गर्भवती होने के कारण नहीं बल्कि किसी और कारण से होता है। जानें किन कारणों से होता है ऐसा।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : December 4, 2020 11:31 AM IST

मां बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए ऐसे बहुत सारे संकेत होते हैं, जो उन्हें यह बताने में मदद करते हैं कि वह गर्भवती हैं और प्रेग्रेंसी टेस्ट सिर्फ एक खानापूर्ति है। पीरियड मिस होना, स्तनों में दर्द, बिना उल्टी के मतली होना ये सभी लक्षण गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों के साथ जुड़े हुए हैं। हालांकि कुछ मामलों में, मां बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को बाद में पता लगता है कि जो लक्षण दिखाई दे रहे थे वह गर्भावस्था से नहीं बल्कि किसी और कारण से थे। ये सभी चीजें अक्सर होती है खासकर जब महिलाएं बच्चे को जन्म देने की योजना बनाती हैं और बेबी कंसीव करने का अनुभव करती हैं, लेकिन ये फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy) होती है, जिसकी चपेट में अक्सर महिलाएं आ ही जाती हैं। तो आइए जानते हैं कि क्या होती है फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy)।

क्या होती है फॉल्स प्रेग्रेंसी? (What is a false pregnancy)

आसान भाषा में कहें तो फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy) में आपको गर्भवती होने का अहसास होता है लेकिन आप गर्भवती नहीं होती हैं। इस दौरान महिलाओं को गर्भावस्था से जुड़े लक्षण साफ दिखाई देते हैं, जिनमें मिस पीरियड्स, बढ़ता हुआ पेट और यहां तक ​​कि बेबी किक भी शामिल होती है। फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy) न केवल महिलाओं में आम है, बल्कि पुरुष भी कई बार इसका अनुभव करते हैं। वे अपने साथी में गर्भावस्था के समान लक्षण विकसित हुए देखते हुए, जिसमें वजन का बढ़ना, मतली और पीठ दर्द शामिल है, इसे सिमपेथेटिक प्रेग्नेंसी भी कहा जाता है।

क्यों होता है ऐसा ?

फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy) कोई नई चीज नहीं है, यह हमेशा से रही है। चूंकि यह स्थिति महिलाओं में बहुत कम होती है, इसलिए इसके पीछे का मूल कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। विशेषज्ञ इसे एक साइकोमैटिक स्थिति के रूप में मानते हैं, जिसमें वैवाहिक जोड़ों को उम्मीद जागती है कि वे गर्भावस्था के लक्षणों को देख रहे हैं। बांझपन के कारण गर्भवती होने की तीव्र इच्छा जैसे मनोवैज्ञानिक कारक या फिर गर्भपात में भी इस तरह के लक्षण मन को चकरा सकते हैं। इन संकेतों को महिला का मस्तिष्क समझ नहीं पाता है, जो बदले में गर्भावस्था हार्मोन को रिलीज कर देते हैं।

कुछ मामलों में, ये लक्षण कुछ चिकित्सकीय स्थितियों के कारण भी हो सकते हैं जैसेः

गर्भवती होने की इच्छा के साथ वजन बढ़ना, गैस या ट्यूमर के कारण पेट का फूलना।

हार्मोनल कारक जैसे ट्यूमर या डिम्बग्रंथि / गर्भाशय अल्सर और गर्भवती होने की इच्छा।

अवसाद या मानसिक बीमारी से जुड़ा इतिहास

गर्भावस्था नहीं हो पाना

बांझपन का इतिहास

स्ट्रोक, यौन दुर्व्यवहार, या पार्टनर के साथ झगड़ा।

अवसाद या मानसिक बीमारी का इतिहास

फॉल्स प्रेग्रेंसी के लक्षण (Symptoms of false pregnancy)

इस स्थिति में महिलाएं नीचे दिए गए सभी लक्षणों में से एक का अनुभव करती हैं, जो आमतौर पर गर्भावस्था से जुड़े होते हैं।

  • पीरियड मिस होना
  • बढ़े हुए स्तन
  • बढ़ा हुआ पेट
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • भार बढ़ना
  • लगातार पेशाब आना
  • बार-बार भोजन की इच्छा करना
  • फेटल मूवमेंट

कैसे लगाएं पता फॉल्स प्रेग्रेंसी (how to test false pregnancy)

फॉल्स प्रेग्रेंसी (false pregnancy) का पता लगाने का एकमात्र तरीका है प्रेग्रेंसी टेस्ट या अल्ट्रासाउंड। गर्भावस्था के लिए समान हार्मोन का उत्पादन करने वाले दुर्लभ कैंसर के मामलों को छोड़कर, पेशाब प्रेग्रेंसी टेस्ट की ज्यादातर परिस्थितियों में नकारात्मक दिखाता है।

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