आप जानती हैं क्या होती है फॉल्स प्रेग्नेंसी? ये हैं इसके कारण और लक्षण

फॉल्स प्रेग्नेंसी को फैन्टम प्रेग्नेंसी (Phantom pregnancy) भी कहते हैं। यह एक ऐसी असामान्य स्थिति है, जिसमें एक महिला को लगता है कि वह प्रेग्नेंट है, लेकिन हकीकत में गर्भ में कोई बच्चा नहीं होता है। बावजूद इसके प्रेग्नेंसी के कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं, जिससे महिलाएं सोच बैठती हैं कि कहीं वे प्रेग्नेंट तो नहीं।

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Written By: Anshumala | Updated : September 20, 2020 9:11 PM IST

False pregnancy in hindi: क्या आपने कभी फॉल्स या फैन्टम प्रेग्नेंसी (False or Phantom pregnancy) के बारे में सुना है? दरअसल, इसमें महिलाएं प्रेग्नेंट नहीं होतीं, लेकिन उन्हें लगने लगता है कि वह प्रेग्नेंट हैं। प्रेग्नेंसी में कई ऐसे लक्षण (pregnancy symptoms in hindi) होते हैं, जैसे थकान, उल्टी, जी मिचलाना, ब्रेस्ट में सूजन आदि ये सभी फॉल्स प्रेग्नेंसी में भी नजर आने लगते हैं। झूठी गर्भावस्था या फॉल्स प्रेग्नेंसी में कोई गर्भाधान (conception) और गर्भ में कोई बच्चा नहीं होता है। इसके बावजूद, काफी लंबे समय तक एक महिला में प्रेग्नेंसी के लक्षण नजर आ सकते हैं, और इसी कारण से आस-पास के लोगों को भी लगने लगता है कि वह प्रेग्नेंट (pregnant women) है।

फॉल्स प्रेग्नेंसी के लक्षण क्या होते हैं (symptoms of false pregnancy in hindi)

पेट में गैस बनना।

कमर के पास फैट जमना।

पेशाब अधिक लगना।

सिरदर्द रहना।

इर्रेगुलर पीरियड्स।

कई अन्य लक्षण आते हैं नजर 

कुछ दिनों तक सुबह में उल्टी महसूस होना।

ब्रेस्ट सॉफ्ट होना या अनियमित बढ़ना।

वजन बढ़ना।

लेबर पेन।

भूख अधिक लगना।

यूटरस का बढ़ना।

सर्विक्स का नर्म होना।

फॉल्स लेबर।

फॉल्स प्रेग्नेंसी के कारण क्या हैं (Causes of false pregnancy)

फॉल्स प्रेग्नेंसी का अहसास या अनुभव कुछ महिलाएं क्यों करती हैं, इसका सही कारण या जवाब अब तक नहीं मिल सका है। लेकिन, विशेषज्ञों ने इससे संबंधित कुछ थ्योरीज बताई हैं। कुछ मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स का कहना है कि यह गर्भवती (pregnant) होने की तीव्र इच्छा या भय से संबंधित होता है। यह संभव है कि यह एन्डोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करता है, जो गर्भावस्था के लक्षणों का कारण बनता है।

एक महिला तब और गर्भवती होने के लिए तरसने लगती है, जब उसका कई बार गर्भपात (miscarriages) हो गया हो, वह बांझपन (Infertility) की समस्या से ग्रस्त हो या फिर उसे शादी करने की इच्छा हो, तो इस स्थिति में वह अपने शरीर में होने वाले कुछ खास बदलावों को वह प्रेग्नेंसी के लक्षण समझने लगती है।

अन्य थ्योरी तंत्रिका तंत्र (nervous system) में होने वाले कुछ रासायनिक परिवर्तनों से संबंधित है, जो डिप्रेसिव डिसऑर्डर से संबंधित है। यह संभव है कि ये रासायनिक परिवर्तन फॉल्स गर्भावस्था के लक्षणों (symptoms of false pregnancy) के लिए जिम्मेदार हों।

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