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Written By: Pallavi Kumari | Published : July 13, 2022 1:53 PM IST
What happens to your body the last few weeks of pregnancy: एक गर्भावस्था लगभग 40 सप्ताह तक चलती है। सप्ताहों को तीन ट्राइमेस्टर में बांटा गया है। तीसरी तिमाही यानी थर्ड ट्राइमेस्टर में गर्भावस्था के 28 से 40 सप्ताह शामिल हैं। उसमें भी आखिरी हफ्ते में शरीर के अंदर काफी बदलाव आता है और ये इतना परेशान करने वाला होता है कि महिलाएं शारीरिक और भावनात्मक रूप से परेशान हो सकती हैं। 37 वें सप्ताह के अंत में तीसरी तिमाही में एक महिला को अधिक दर्द, सूजन से लेकर डिलीवरी तक कि चिंता होने लगती है। साथ ही इस दौरान शरीर में कई बदलाव एक साथ नजर आ सकते हैं। जिसमें कि महिलाएं कई सारी चीजें महसूस करती हैं जैसे कि बच्चे द्वारा बहुत अधिक हलचल करना, पेट में जलन, उंगलियों या चेहरे में सूजन और स्तनों से पानी या दूध जैसा कुछ रिसाव होना आदि। और भी प्रेगनेंसी के आखिरी हफ्तों में और भी लक्षण ( What are the signs of end of pregnancy) महसूस होते हैं। तो, आइए जानते हैं इसके बारे में।
जैसे-जैसे आपका शिशु आपके पेल्विक में नीचे आएगा, आप अपने मूत्राशय पर अधिक दबाव महसूस करेंगी। आपको बार-बार पेशाब लग सकती है। यह अतिरिक्त दबाव आपको पेशाब निकलने का कारणभी बना सकता है खासकर जब आप हंसते हैं, खांसते हैं, छींकते हैं, झुकते हैं या उठाते हैं। ऐसे में आप पैंटी लाइनर का उपयोग कर सकती हैं। अगर आपको लगता है कि एम्निओटिक फ्लूइड, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जैसे-जैसे डिलीवरी का समय करीब आता है आप हल्के, अनियमित संकुचन को अपने पेट में हल्की अकड़न के रूप में महसूस कर सकते हैं। जैसे किसी शारीरिक गतिविधि के बाद या दोपहर या शाम के बाद ये संकुचन भी अधिक बार होते हैं। जैसे-जैसे समय करीब आ रहा होता है यह मजबूत होता जाता है। ऐसे में जैसे-जैसे ये बढ़े आपको डिलीवरी की तैयारी रखनी चाहिए।
गर्भावस्था के हार्मोन कनेक्टिन टिशू को आराम देते हैं जो आपकी हड्डियों को जगह में रखता है, खासकर पेल्विक एरिया में। ये परिवर्तन आपकी पीठ के लिए बहुत मुश्किल होता है और अक्सर गर्भावस्था के तीसरे तिमाही के दौरान असुविधा का कारण बनता है। ऐसे में जब आप बैठते हैं, तो अच्छे बैक सपोर्ट वाली कुर्सियों का चुनाव करें। नियमित व्यायाम करें। कम एड़ी के जूते पहनें लेकिन ध्यान रखें बिल्कुल फ्लैट भी ना हो क्योंकि इससे एड़ियों में सूजन हो सकती है। इसलिए अच्छे आर्च सपोर्ट वाले जूते लें। अगर आपको गंभीर या लगातार दर्द हो रहा है, तो अपने डॉक्टर के संपर्क करें।
जैसे जैसे डिलीवरी का समय करीब आता है, सासं लेने में कठिनई होने लगती है। कई बार तो इसकी वजह से नींद नहीं आती है। ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइजकी प्रैक्टीस करें। इससे फेफड़ों को विस्तार होता है और सांस लेने में आराम महसूस होता है। इसके अलावा ये आपकी बीपी को भी बैलेंस रखने में मदद कर सकता है।
गर्भावस्था के हार्मोन आपके पेट और फूड पाइप के बीच के वाल्व को आराम देते हैं। यह पेट के एसिड को आपके फूड पाइप में वापस जाने की अनुमति दे सकता है और अपच का कारण बन सकता है। इससे एसिडिटी हो सकती है और खट्टी डकारें आ सकती हैं। इसके लिए छोटे और बार-बार भोजन करें। इसके अलावा, तले हुए खाद्य पदार्थ, खट्टे फल, चॉकलेट और मसालेदार या तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें।
बढ़े हुए ब्लड सर्कुलेशन के कारण आपके चेहरे, गर्दन और बाहों पर छोटी लाल-बैंगनी नसें या वैरिकोस वेइन् दिखाई दे सकती हैं। प्रसव के बाद लाली आमतौर पर फीकी पड़ जाती है। आप अपने पैरों पर सूजी हुई नसें भी देख सकते हैं। आपके मलाशय क्षेत्र में बवासीर या दर्दनाक मलत्याग महसूस हो सकता है। ऐसे में सूजन को कम करने के लिए, व्यायाम करें और अपने पैरों को बार-बार ऊपर उठाएं। साथ ही अपने आहार में भरपूर मात्रा में फाइबर शामिल करें और बहुत सारे तरल पदार्थ लें।