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प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है? डाइटिशियन ने शेयर किए टिप्स

भारत में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में कम हीमोग्लोबिन (खून की कमी) बहुत ही आम समस्या है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं खून की कमी को कैसे पूरा किया जाए।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 17, 2026 3:26 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Shalini Bliss

प्रेग्नेंसी एक खूबसूरत सफर है, लेकिन इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं। इनमें सबसे आम समस्या है हीमोग्लोबिन का कम हो जाना। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर में खून की मात्रा करीब 40-50% तक बढ़ जाती है। साथ ही गर्भस्थ शिशु के विकास, प्लेसेंटा और अतिरिक्त खून के लिए भी आयरन की जरूरत दोगुनी हो जाती है। रिसर्च बताती है कि अगर महिलाओं की डाइट में सही तरीके से आयरन न हो इससे शरीर में खून की कमी हो सकती है। खून की कमी को मेडिकल भाषा में आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया कहा जाता है। प्रेग्नेंसी की दौरान यह परेशानी हीमोग्लोबिन की कमी के कारण होती है। हीमोग्लोबिन कम होने से सिर्फ गर्भ में पलने वाले बच्चे पर असर नहीं पड़ता है, बल्कि डिलीवरी के दौरान मां भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए।

हीमोग्लोबिन कम होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं?

दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन शालिनी ब्लिस का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने पर महिला में एक नहीं बल्कि कई लक्षण नजर आते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः

  1. लगातार थकान और कमजोरी
  2. चक्कर आना और सिर घूमना
  3. सांस फूलना और सीढ़ी चढ़ने में दिक्कत
  4. दिल की धड़कन तेज होना
  5. त्वचा और नाखूनों का पीला पड़ना

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रेग्नेंसी में आयरन और फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए जरूरी है। कम हीमोग्लोबिन से समय से पहले डिलीवरी और बच्चे का वजन कम होने की समस्या हो सकती है।

प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन का स्तर कैसे बढ़ाएं?

डाइटिशियन कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए कुछ फूड्स आइटम को सही तरीके से डाइट में शामिल करना जरूरी है।

1. आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ

प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए सबसे पहले प्लेट में आयरन बढ़ाना होगा। प्रेग्नेंसी के दौरान पालक, बथुआ, सरसों का साग, मेथी, चना, राजमा, मसूर, मूंग, सोयाबीन, टोफू, तिल, अलसी, कद्दू के बीज, किशमिश, खजूर और आयरन-फोर्टिफाइड अनाज खाने से महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ सकता है। जो महिलाएं मांसाहारी भोजन कहते हैं उन्हें हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए अच्छी तरह पका हुआ चिकन, अंडा और सुरक्षित रूप से पकाई गई मछली खाना बेहतर ऑप्शन होता है।

डाइटिशियन शालिनी ब्लिस सलाह देती हैं - "सिर्फ एक बार पालक खाने से फायदा नहीं होगा। दालों, हरी सब्जियों और बीजों को हफ्ते में कम से कम 5 दिन रोटेट करके खाएं। जैसे सोमवार को राजमा, मंगलवार को पालक पनीर, बुधवार को मूंग दाल।"

2. विटामिन-C है सबसे ज्यादा जरूरी है

ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि प्रेग्नेंसी में खून बढ़ाने के लिए सिर्फ आयरन वाले फूड्स खाना ही पर्याप्त नहीं होता है। डाइटिशियन बताती हैं कि दाल और पालक में मौजूद आयरन शरीर में सिर्फ 5% अब्सॉर्ब होता है। लेकिन अगर उसी के साथ विटामिन-C ले लें तो अब्सॉर्प्शन 4 गुना तक बढ़ जाता है। इसलिए आयरन के साथ विटामिन सी को भी खाने में शामिल करना जरूरी है। प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन सी के लिए डाइट में नींबू, संतरा, मौसमी, आंवला, अमरूद, टमाटर, शिमला मिर्च, ब्रोकली और स्ट्रॉबेरी को शामिल करें।

3. फोलेट, विटामिन-B12 और प्रोटीन

हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सिर्फ आयरन ही नहीं, पूरी टीम चाहिए। फोलेट, विटामिन-B12 और प्रोटीन इसी टीम का हिस्सा है। फोलेट के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स, मूंगफली, एवोकाडो, संतरा खाएं। विटामिन-B12 के लिए दूध, दही, पनीर, अंडा, फोर्टिफाइड सीरियल को खाने का हिस्सा बनाएं। इसके अलावा प्रोटीन के लिए दाल, दही, पनीर, सोयाबीन, नट्स, अंडा शामिल करें।

क्या अनार, चुकंदर, सेब और गुड़ काफी हैं?

डाइटिशियन कहती हैं कि यह सभी चीजें आयरन का अच्छा सोर्स हैं। अनार खून बढ़ता है, चुकंदर में फोलेट होता है, गुड़ में आयरन पाया जाता है। लेकिन सच यह है कि केवल इन्हें खाने से गंभीर एनीमिया ठीक नहीं होता है। ये फूड सपोर्टिव हैं, इलाज नहीं है। अगर आपका HB 9 से कम है तो डॉक्टर की आयरन और फोलिक एसिड की गोली नियमित लेना सबसे जरूरी है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। हर प्रेग्नेंट महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है। कोई भी नई डाइट या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ और डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।