
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : November 4, 2025 4:32 PM IST
Kya Air Pollution se Pet Mai Pal Rhe Bacche Ko Nuksan Hota Hai: बढ़ते प्रदूषण का असर अब सिर्फ फेफड़ों या दिल तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह अजन्मे बच्चों की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है। हाल ही में हुई कई स्टडीज ने चेताया है कि गर्भावस्था के दौरान प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5, PM10), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और अन्य जहरीले तत्व गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित कर सकते हैं। जब हमने इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए नेचर की आईवीएफ एक्सपर्ट व गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर अर्चना धवन बजाज से बातचीत की, तो उन्होंने चौंकाने वाले तथ्य सामने रख दिए।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर अर्चना बताती हैं कि 'प्रदूषण के सूक्ष्म कण मां के फेफड़ों से होकर खून के जरिए प्लेसेंटा तक पहुंच जाते हैं। यह भ्रूण के अंगों के विकास को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक ऐसे एक्सपोजर से प्रीमैच्योर डिलीवरी, कम वजन वाले बच्चों का जन्म और न्यूरोलॉजिकल डेवलपमेंट में बाधा जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।' उन्होंने और भी कई जानकारी शेयर की, आइए इस लेख में जानते हैं।
डॉक्टर ने बताया कि WHO की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण से हर साल दुनिया भर में लगभग 6 लाख नवजात शिशुओं की मौत होती है। इनमें से अधिकतर मामले उन देशों में हैं, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब श्रेणी में रहता है। भारत में भी नवंबर-दिसंबर के महीनों में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक खतरनाक होता है, जिससे गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम और बढ़ जाता है।
डॉक्टर के अनुसार 'गर्भवती महिलाएं जब लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेती हैं, तो उनके शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन बढ़ता है। इससे भ्रूण की ग्रोथ रुक सकती है और भविष्य में बच्चे में अस्थमा, एलर्जी या हृदय संबंधी रोगों का खतराबढ़ जाता है।' इसलिए आप बहुत ही ज्यादा सावधानी बरते ताकि बच्चा स्वस्थ हो।
डॉक्टर आगे कहती हैं कि 'गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा के लिए प्रदूषण से बचावउतना ही जरूरी है जितना सही खानपान और नियमित जांचें। समाज और सरकार दोनों को मिलकर ऐसी नीतियां बनानी होंगी जिससे आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा मिल सके।' प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरण का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य का मुद्दा बन चुका है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह “इनविज़िबल टॉक्सिन” बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
स्तनपान करने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। अगर बच्चा स्तनपान करेगा, तो वह ज्यादा स्वस्थ महसूस कर सकता है।
धूम्रपान के अलावा प्रदूषण, धुआं, केमिकल्स के सम्पर्क में आने से होने वाला डैमेज, कुछ पुरानी बीमारियों और अनुवांशिक कारणों से भी लोगों में लंग कैंसर हो सकता है।
अगर आपका बच्चा चीजों को लेकर काफी स्लो है तो डॉक्टर से परामर्श लें।
आमतौर पर, कंसीव करने के 10-14 दिन के भीतर प्रेग्नेंसी के लक्षण दिखने लगते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं को इससे पहले भी हल्के लक्षण महसूस हो सकते हैं।