
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ajay Nair
Viral fever during pregnancy
Viral Fever in Pregnancy: प्रेग्नेंसी के दौरान हल्का बुखार भी होने वाली मां को चिंता में डाल सकता है। खासकर बारिश और मौसम बदलने के समय वायरल फीवर के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में सबसे जरूरी बात यह समझना है कि हर बुखार गंभीर नहीं होता, लेकिन प्रेग्नेंसी में इसे हल्के में भी नहीं लेना चाहिए। समय पर सही सलाह और थोड़ी-सी सावधानी मां और बच्चे, दोनों की सेहत के लिए बेहद जरूरी होती है। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टें, इंटरनल मेडिसिन डॉ. अजय नायर से बातचीत की है। आइए जानते हैं इस बारे में-
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिससे संक्रमण होने की संभावना थोड़ी बढ़ सकती है। वायरल फीवर आमतौर पर वायरस की वजह से होता है और इसके साथ बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, नाक बहना, थकान या कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन इस दौरान खुद से दवा लेना बिल्कुल सही नहीं है।

अगर प्रेग्नेंसी में बुखार आए, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर यह समझेंगे कि यह सामान्य वायरल फीवर है या किसी दूसरी बीमारी का संकेत। कई बार डेंगू, मलेरिया, फ्लू या कोविड-19 जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षण भी वायरल फीवर जैसे ही लग सकते हैं। इसलिए सही जांच और इलाज बहुत जरूरी है।
बुखार होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत के अनुसार नारियल पानी, सूप या अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। अगर उल्टी हो रही हो या खाने का मन न करे, तब भी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए। इससे शरीर को कमजोरी से बचाने में मदद मिलती है।
आराम करना भी इलाज का अहम हिस्सा है। पर्याप्त नींद लें और शरीर को रिकवरी का समय दें। खाने में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन लें। फल, सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
एक बात का विशेष ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा, एंटीबायोटिक या दर्द की गोली न लें। कई दवाएं प्रेग्नेंसी में सुरक्षित नहीं होतीं। सिर्फ वही दवा लें, जो आपके डॉक्टर ने बताई हो और डॉक्टर द्वारा बताई गई तय मात्रा में ही दवा लें। 
अगर बुखार लगातार बना रहे, बहुत तेज हो जाए, सांस लेने में तकलीफ हो, लगातार उल्टी हो, पेशाब कम आए, तेज पेट दर्द हो, बच्चे की हलचल कम महसूस हो या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल जाएं। ऐसी स्थिति में देरी करना ठीक नहीं है।
वायरल संक्रमण से बचने के लिए भी कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं। नियमित रूप से हाथ धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, बीमार व्यक्ति के बहुत करीब रहने से बचें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। मौसम के अनुसार कपड़े पहनें और शरीर को पर्याप्त आराम दें ताकि इम्यूनिटी बेहतर बनी रहे।
प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय है जब छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है, लेकिन सही जानकारी और समय पर इलाज से ज्यादातर वायरल संक्रमण बिना किसी गंभीर समस्या के ठीक हो जाते हैं। इसलिए घबराने की बजाय सतर्क रहें, डॉक्टर की सलाह का पालन करें और अपनी सेहत के साथ कोई समझौता न करें।
Disclaimer : प्रेग्नेंसी के दौरान अगर आपको वायरल फीवर हो, तो इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है, ताकि प्रेग्नेंसी के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो सके और प्रेग्नेंसी आपकी सुरक्षित हो।