क्या प्रेगनेंसी रैशेज़ की समस्या से हैं परेशान, तो कोकोनट ऑयल करें अप्लाई

नारियल का तेल त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और रैशेज़ में होने वाली जलन और खुजली से राहत दिलाता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 9, 2019 9:35 AM IST

प्रेगनेंसी रैशेज़ की समस्या कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के समय परेशान कर सकती है। कई बार इन रैशेज़ वाली जगह पर खुजली भी होने लगती है। खुजली  करने से नाखूनों की वजह से त्वचा के कटने और रगड़ खाने का भी खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अक्सर गर्भवती महिलाएं चिड़चिड़ापन महसूस करने लगती हैं।

इस परेशानी को कम करने में मदद करता है आपकी ड्रेसिंग टेबल पर पड़ा रहने वाला नारियल का तेल। जी हां, नारियल का तेल जहां सुंदर बालों के लिए बहुत-सी महिलाओं का भरोसमंद तेल है वहीं यह आपकी स्किन के लिए एक अच्छे मॉश्चराइज़र के तौर पर भी काम करता है। नारियल का तेल त्वचा को ठंडक प्रदान करता है और इसीलिए त्वचा पर महसूस होने वाली जलन और खुजली जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है।

इसके अलावा नारियल का तेल एक नैचुरल प्रॉडक्ट होने की वजह से प्रेगनेंसी के दौरान इस्तेमाल करने के लिहाज से बहुत सेफ माना जाता है। आप इस तेल को बेझिझक इस्तेमाल कर सकती हैं। बस जब नारियल का तेल या कोकोनट ऑयल अप्लाई करना हो तो इन 3 बातों का ध्यान रखें-

  • प्रेगनेंसी रैशेज़ वाले हिस्से की त्वचा को अच्छी तरह साफ करें और उसके बाद ही नारियल का तेल वहां अप्लाई करें। सफाई ना करने से त्वचा में छुपी गंदगी, धूल और पसीना रोमछिद्रों में तेल की परत के नीचे बैठ जाएंगा। इस जमा हुई गंदगी से आपकी त्वचा पर कुछ और समस्याएं उभर सकती हैं।
  • त्वचा पर नारियल का तेल अप्लाई करने के बाद किसी टिश्यू पेपर या गीले कपड़े से थपथपाकर अतिरिक्त चिपचिपापन साफ कर दें।
  • अगर किसी हिस्से पर दोबारा नारियल का तेल अप्लाई करना हो तो पहले से लगा तेल साफ कर दें और उसके बाद ही दोबारा कोकोनट ऑयल अप्लाई करें।