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Written By: Anshumala | Updated : November 11, 2018 5:30 PM IST
आयुर्वेद में अरंडी यानी कैस्टर के बीज को सबसे बढ़िया गर्भनिरोधक तत्व माना गया है।© Shutterstock.
अगर आप प्रेग्नेंट होने से बचना चाहती हैं और किसी भी गर्भनिरोधक गोली को लेने की सोच रही हैं, तो एक बार आयुर्वेद के इस नुस्खे पर गौर करके देखिए। प्रेगनेंसी को रोकने के कई तरीके मौजूद हैं। गर्भनिरोधक दवाइयों के साइड इफेक्ट किसी से नहीं छुपे हैं। अगर आप बिना इसका इस्तेमाल किए प्राकृतिक तरीके से प्रेग्नेंसी रोकना चाहती हैं तो आयुर्वेद के पास इसका हल है। हां, किसी भी आयुर्वेदिक तरीके के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर और आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। कई बार कुछ लोगों को आयुर्वेदिक नुस्खे भी सूट नहीं करते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप सलाह लेकर ही किसी भी चीज का सेवन करें। प्रेगनेंसी में गलती से भी न पिएं इन्हें, शिशु की सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक
अरंडी का करें इस्तेमाल
आयुर्वेद में अरंडी यानी कैस्टर के बीज को सबसे बढ़िया गर्भनिरोधक तत्व माना गया है। इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अरंडी के बीज को फोड़ें। उसके बाद उसमें मौजूद सफेद बीज को निकालें। इस बीज को एक गिलास पानी के साथ खा लें। ठंड में बच्चों की मालिश करने के लिए चुनें सिर्फ ये तेल, होंगे लाभ
कब खाएं अरंडी
- अरंडी के बीज का इस्तेमाल आप संबंध बनाने के 72 घंटे के अंदर गर्भनिरोधक गोलियों के रूप में कर सकती हैं। अगर महिलाएं सेक्स करने के 72 घंटे के भीतर इस बीज का सेवन करती हैं तो यह एक कॉन्ट्रासेप्टिव पिल की तरह ही गर्भधारण रोक सकता है।
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- अगर कोई महिला इस बीज का सेवन पीरियड्स के तीन दिनों तक करें तो एक महीने तक इसका प्रभाव रहेगा।
- कॉन्ट्रासेप्टिव पिल की तरह अरंडी के बीज का इस्तेमाल का वैसे तो कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, फिर भी इसे यूज करने से पहले आप अपने फैमिली डॉक्टर और आयुर्वेदिक विशेषज्ञों से एक बार सलाह जरूर लें।
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