कंसीव करने में आ रही है अड़चन? इन एक्सपर्ट टिप्स की मदद से बढ़ाएं प्रेगनेंसी के चांस

इंफर्टिलिटी की समस्या इन दिनों महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में देखी जा रही है। ऐसे में एक्सपर्ट कुछ ऐसी बातों की सलाह दे रही हैं जो इंफर्टिलिटी को कम करने और फर्टिलिटी बढ़ाने का काम कर सकती हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 10, 2025 9:43 AM IST

इनफर्टिलिटी की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जिसमे हार्मोनल असंतुलन, मोटापा आदि मुख्य कारण है। आजकल हमारे आस पास हर 10 में से 6 कपल इंफर्टिलिटी की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में अगर आप प्राकृतिक रूप से पेरेंट्स बनना चाहते हैं तो आयुर्वेदिक उपचार सबसे बेहतर है। आयुर्वेद एक्सपर्ट, आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा के अनुसार, अक्सर कुछ कपल्स को गर्भधारण के बाद मिसकैरेज की स्थिति से भी गुजरना पड़ता है। लेकिन इन सभी समस्याओं का रिस्क कम करने वाले उपायों में योगासन और आयुर्वेदिक औषधियां भी शामिल हैं।

डॉ चंचल शर्मा के अनुसार, इंफर्टिलिटी निःसंतानता कोई बीमारी नहीं है। यह एक ऐसी स्थिति है जब 35 वर्ष से कम का कोई महिला या पुरुष 1 वर्ष तक प्रयास करने के बाद भी अगर गर्भधारण नहीं कर पाते तो उसे इंफर्लिटी कहा जाता है। गर्भधारण न कर पाने की वजह से परेशान कपल्स को डॉ.चंचल शर्मा आयुर्वेद और योग का पर्याय भी आजमाने की सलाह देती हैं।

प्राणायाम जो दिलाएंगे इंफर्टिलिटी से छुटकारा

कपालभाति

यह योगासन आपके Uterine Muscles को टोन करता है और ब्लड फ्लो भी सही रहता है। कपालभाति का अभ्यास करने के लिए-

सीधे बैठकर पेट के बल श्वास को तेज़ी से बाहर छोड़ें और आराम से श्वास को अंदर लें। शुरूआती समय में 5-10 मिनट तक ही अभ्यास करें। और धीरे धीरे इसे आधे घण्टे तक करने का प्रयास कर सकती हैं।

तिर्यक ताड़ासन

इस योगासन से आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी और हॉर्मोन्स भी संतुलित रहेंगे। जिन महिलाओं को थायरॉइड की समस्या है उन्हें इस आसन को नियमित रूप से 25 का 3 सेट जरूर करना चाहिए।

त्रिकोणासन

वजन कम करने के लिए यह योगासन बहुत अच्छा माना जाता है। बेहतर परिणाम के लिए आप दिन में करीब 50 बार इसका अभ्यास कर सकते हैं।

पादहस्तासन

पाचन की समस्या के साथ मोटापा कम करने में कारगर यह योगासन अगर आप गहरी साँस के साथ करते हैं तो आपको इसके अच्छे परिणाम देखने के लिए मिलते हैं।

भुजंगासन

पेट के बल लेटकर, हाथों को कंधे के नीचे रखें, और साँस भरते हुए धड़ को ऊपर की ओर उठाएं, सिर को पीछे झुका कर खिंचाव महसूस करें। कूल्हों को जमीन पर रखें और पैरों को सीधा रखें। इससे यूटेरस और ओवरी की मसल्स उत्तेजित और मजबूत होती हैं।

पश्चिमोत्तासन

पैरों को किसी चटाई पर सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठ जाएं और दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं कमर को सीधी रखते हुए धीरे धीरे आगे की ओर झुकें। माथे को घुटनों के पास ले जाएं और हाथों की उंगलियों से पैर को पकड़ने की कोशिश करें। ऐसा करने से लिकोरिया या पीरियड्स सम्बंधित अन्य समस्याओंसे छुटकारा मिल जाता है।

फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए किन जड़ी बूटियों का सेवन करना चाहिए?

डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि इन योगासनों के साथ अगर आप कुछ जड़ी बूटियों को भी अपनी डेली डाइट में शामिल कर लेते हैं तो इससे आपकी फर्टिलिटी पॉवर बढ़ सकती है। जैसे:

  • दशमोलारिष्ट
  • पुत्रजीवक बीज
  • शिवलिंगी के बीज
  • फलघृत
  • शतावरी

डाइट

  • इसके साथ ही महिलाओं को विशेष रूप से अनार, चुकंदर, गाजर आदि जैसे ताजे फलों का सेवन करना चाहिए, जिससे आपकी फर्टिलिटी इम्प्रूव होती है।
  • हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए आप नियमित रूप से गुड़ के पानी का सेवन (Jaggery water) करें।
  • कोशिश करें कि आपके आहार में सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो और बाहर के खाने से परहेज करें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।