कैंसर ही नहीं तम्बाकू के सेवन से बढ़ता है बांझपन और त्वचा रोग, जानें क्या है कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कैंसर ही नहीं तम्बाकू की वजह से बढ़ रही है बांझपन व चर्म रोगियों की संख्या।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : September 10, 2018 6:57 PM IST

तम्बाकू इंसान के लिए हानिकारक है, लेकिन फिर भी लोग इसका सेवन करते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के अनुसार, राजधानी में 10.5 प्रतिशत युवा, 16.7 प्रतिशत पुरुष और 2.8 प्रतिशत महिलाएं गुटखे, खैनी और जर्दे का उपयोग करते हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों में इसकी बिक्री पर पहले से ही पाबंदी लगी हुई है।

हर साल तम्बाकू खाने से लगभग 6 मिलियन लोग अपनी जिंदगी से हांथ धोते हैं। सर्वे के अनुसार, अगर यही स्थिति बनी रही तो यह आंकड़ा 2020 तक 10 मिलियन को भी पार कर लेगा। वहीं भारत में हर साल 0.9 लोग तम्बाकू की आदत की वजह से अपनी जान गंवाते हैं। वहीं अगर तम्बाकू के इस्तेमाल की बात करें तो ग्लोबल एडल्ट तम्बाकू सर्वे के आंकडों के अनुसार, पूरे विश्व में लगभग 1.2 बिलियन लोग तम्बाकू उत्पादों को सेवन करते हैं। अगर यही स्थिति रही तो 2020 तक यह आंकडा 1.6 बिलियन को भी पार कर लेगा।

इसे भी पढ़ें- प्रेगनेंसी में पौष्टिक आहार लेना है जरूरी, जानें इन दिनों कैसा हो आपका डायट चार्ट

सिर्फ भारत में आश्चर्यजनक रूप से लगभग 274.9 मिलियन लोग तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। तम्बाकू के इस्तेमाल में भारत का तीसरा स्थान है, जोकि सचमुच चिंता का विषय है। अधिकांश लोगों का मानना है कि तम्बाकू की वजह से मुंह का कैंसर या सांस की बीमारी ही होती हैं लेकिन तम्बाकू की वजह से बांझपन, ऑस्टियोपॉरोसिस व चर्म रोगियो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बांझपन का बोझ दे सकता है तम्बाकू

पुरुषों में संतान पैदा न कर पाना कई कारकों पर निर्भर करता है, उनमें से सबसे बड़ा कारक तम्बाकू है। महिलाओं में भी तम्बाकू का सेवन बहुत अधिक बढ़ गया है, जिसकी वजह से लगातार बांझपन के मामले बढ़ रहे हैं। पुरुषों के अधिक तम्बाकू सेवन से उनके स्पर्म की गुणवत्ता में भारी कमी आती है, जिसकी वजह से उन्हें सन्तान होने में दिक्कत होती है।

शांता फर्टिलिटी सेंटर की गायनोकोलॉजिस्ट व आईवीएफ एक्सपर्ट डॉक्टर अनुभा सिंह कहती हैं कि तम्बाकू का सेवन बहुत हद तक पुरुषों में स्पर्म की गुणवत्ता घटाने के लिए जिम्मेदार है। इसकी वजह से स्पर्म काउंट कम हो सकते हैं, साथ ही कम गुणवत्ता वाले स्पर्म की संख्या भी बढ़ सकती है। बांझपन का खतरा आपके हर बार तम्बाकू खाने से और बढ़ता चला जाता है। जो महिलाएं तम्बाकू का सेवन करती हैं, वो चाहे जिस रूप में भी हो बांझपन का खतरा बेहद बढ़ जाता है।

इसे भी पढ़ें- इंफर्टिलिटी के कारण नहीं बन पा रही हैं मां, जानें किन कारणों से होती है यह समस्या

तम्बाकू और त्वचा

अगर त्वचा की बात करें तो तम्बाकू त्वचा पर बहुत बुरा असर डालती है। तम्बाकू की वजह से त्वचा पर कम उर्म में झुर्रियां पड़ने लगती हैं, साथ ही कम उर्म में ही व्यक्ति की उर्म अपनी वास्तविक उर्म से कहीं ज्यादा लगने लगती है। जितना ज्यादा तम्बाकू आप खाते जाते हैं, उसका नुकसान त्वचा पर उतना ही ज्यादा पड़ता जाता है। राजधानी में ऐसे कई मामले आपको आसानी से मिल जाएंगे, जिनमें तम्बाकू की वजह से त्वचा में बहुत नुकसान हुआ होगा।

इस पर कॉस्मेटिक स्किन एंड होम्योक्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट व होम्योपैथ फिजीशियन डॉक्टर करूणा मल्होत्रा ने बताया कि सिगरेट और तम्बाकू सिर्फ आपके चेहरे की त्वचा पर ही बुरा प्रभाव नहीं डालता बल्कि इसकी वजह से शरीर के कई अन्य हिस्सों की त्वचा पर भी बेहद बुरा प्रभाव पड़ता है जैसे हांथों के बगलों पर आदि पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।

इसे भी पढ़ें- जानें क्या होता है गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चे में से जब एक की हो जाए मौत

दो तरह से डालती है त्वचा पर प्रभाव

डॉक्टर करूणा मल्होत्रा का कहना है कि तम्बाकू त्वचा पर दो तरह से प्रभाव डालती है। पहली तो तम्बाकू हवा में जाकर त्वचा की ऊपरी भाग को नुकसान पहुंचाती है। वहीं दूसरी तरफ तम्बाकू शरीर के अंदर जाकर त्वचा में खून का बहाव कम कर देती है, जिसकी वजह से त्वचा को जरूरी पोषण व ऑक्सीजन आदि नहीं मिल पाते हैं।

तम्बाकू का सेवन कॉलेजिन और इलेस्टिन को क्षति पहुंचाता है जिसकी वजह से उन फाइबर्स को नुकसान पहुंचता है, जिसकी वजह से त्वचा में लचीलापन व चमक बनी रहती है। इसके साथ-साथ जब हम तम्बाकू या सिगरेट पीते हैं तो चेहरे व आंखों के हाव-भाव से भी झुर्रियां पड़ती हैं, जिन्हें आप नकार नहीं सकते हैं। भारत में तम्बाकू खाना बहुतों की आदत में शुमार है। इसकी वजह से त्वचा का कैंसर भी हो सकता है।

इसे भी पढ़ें- जानिए, महिलाओं में कब हार्ट अटैक होने की संभावना रहती है अधिक

तम्बाकू से कैसे पाएं छुटकारा

- तम्बाकू का सेवन पूरी तरह से त्याग दें।

- संतुलित आहार लें जो कि कैल्शियम और विटामिन से युक्त हो।

- शराब का सेवन न करें।

- रोजाना व्यायाम करें।

- प्रकृति को अपना दोस्त बनाएं।

- अपने तनाव को काबू में रखें। यह भी बांझपन व त्वचा की रंगत कम करने में सहायक होता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source