
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : November 25, 2022 7:45 PM IST
Women health: प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है और ऐसा न करने पर कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। देखा गया है कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पेट और पेल्विक एरिया में काफी दबाव महसूस होता है और इस कारण से उनका पेट भी टाइट रहता है। पेट टाइट रहने से सिर्फ गर्भवती महिला को ही परेशानी नहीं होती है, बल्कि यह गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी काफी हानिकारक हो सकता है। अगर आपको भी गर्भावस्था के दौरान पेट टाइट महसूस होता है, तो चिंता की जरूरत नहीं है। हम आपको इस लेख में ऐसे आसान तरीकों के बारे में बताने वाले हैं, जो गर्भावस्था के दौरान टाइट पेट को ढीला करने में मदद कर सकता है।
अगर गर्भावस्था के दौरान भी आपका पेट टाइट हो रहा है, तो आपको पानी पीना छोड़ने की जरूरत नहीं है। लेकिन बहुत ज्यादा ठंडा पानी न पीएं। समय-समय पर पानी पीते रहें और थोड़ी सी देर के लिए भी पेशाब को रोकने की कोशिश न करें। ऐसा करने से गर्भवती महिलाओं को ज्यादा टाइट पेट को ढीला करने में काफी मदद मिलती है।
ज्यादा देर तक एक जगह पर बैठे रहना भी काफी खतरनाक हो सकता है और ऐसा करने से गर्भवती महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख में जानें किस प्रकार से इन समस्याओं का सामना किया जा सकता है।
पेट की हल्की-हल्की सिकाई करने से भी कुछ हद तक प्रेशर को कम किया जा सकता है। खासतौर पर सर्दियों में ऐसा करने से आपको फायदा मिलता है। हालांकि ध्यान रहे ज्यादा गर्म सिकाई करने से आपको गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं भी हो सकती है, इसलिए कम आंच के साथ ही अपने पेट के टाइट हिस्से की सिकाई करें।
कब्ज व पाचन से जुड़ी समस्याएं गर्भावस्था के दौरान पेट टाइट होने के पीछे का कारण हो सकता है। ऐसे में ऐसा खाना लें जिसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर भी शामिल हो। फाइबर युक्त डाइट लेने से कब्ज की समस्याएं नहीं रहती है, जिस से पेट व पेल्विक का प्रेशर कम करने में मदद मिल सकतीा है।
हालांकि, अगर आपको ज्यादा टाइट महसूस हो रहा है या फिर इसके कारण अन्य तकलीफों का सामना भी करना पड़ रहा है, तो ऐसे में अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से बात करें। डॉक्टर स्थिति की जांच करके आपको दवाएं दे सकते हैं। साथ ही अगर डॉक्टर को कुछ अन्य गड़बड़ी महसूस होती है, तो वे अल्ट्रासाउंड की मदद से भी इसकी जांच कर सकते हैं।