करीना कपूर और अनिता हसनंदानी ने 39 वर्ष की उम्र में किया कंसीव, लेट प्रेगनेंसी का है प्लान, तो इन बातों का रखें ध्यान

35-40 की उम्र के बाद गर्भधारण करने से कई तरह की परेशानियां भी होती हैं। खासकर, गर्भधारण के बाद गर्भपात यानि मिसकैरीज़ का ख़तरा लगातार बना रहता है।  इसीलिए, लेट प्रेगनेंसी के लिए आपको खुद को फिजिकली हेल्दी रहने की आवश्यकता पड़ती है। जो महिलाएं देरी से गर्भधारण करती हैं उन्हें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 14, 2020 12:49 PM IST

बॉलीवुड फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम कर अपनी पहचान बनाने वाली  अनीता हंसनंदानी ने हाल ही में अपनी प्रेगनेंसी की ख़बर अपने फैन्स के साथ शेयर किया। अनिता ने अपनी प्रेगनेंसी कंफर्म करते हुए अपने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो शेयर किया। गौरतलब है कि अनिता 39 वर्ष की हैं , और उन्होंने पहली बार गर्भधारण किया है। इस उम्र में प्रेगनेंट होने के लिए अनिता को ऑनलाइन ट्रोल भी किया गया। लेकिन, अनिता अपनी प्रेगनेंसी में केवल एक बात की परवाह करती हैं और वह है उनके बच्चे की। अनिता अपनी सोशल मीडिया पोस्ट्स में काफी खुश नज़र आ रही हैं और वे प्रेगनेंसी के इस फेज़ को जी-भर कर जी रही हैं।

क्या 35 के बाद प्रेगनेंट होना है नुकसानदायक ?

35 के बाद कंसीव करने वाली अनिता जैसी कई अभिनेत्रियां बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में हैं। करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan), ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai), लारा दत्ता (Lara Dutta) और माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) जैसी अभिनेत्रियों नें भी 35 साल की उम्र के बाद कंसीव किया था। इन सभी की प्रेगनेंसी हेल्दी ही रही और अब सभी अपने बच्चों के साथ खुश हैं।

आमतौर पर 20वें दशक के अंत (Late 20's) यानि 30 साल से पहले ही महिलाओं को गर्भधारण की सलाह दी जाती है। लेकिन, करियर, पढ़ाई, देर से शादी होने और हेल्थ से जुड़े कारणों से कई महिलाएं जल्दी गर्भधारण नहीं कर पातीं। इसीलिए, अब महिलाएं तब कंसीव करती हैं जब वो बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार होती हैं।

35-40 की उम्र के बाद गर्भधारण करने से कई तरह की परेशानियां भी होती हैं। खासकर, गर्भधारण के बाद गर्भपात यानि मिसकैरीज़ का ख़तरा लगातार बना रहता है।  इसीलिए, लेट प्रेगनेंसी के लिए आपको खुद को फिजिकली हेल्दी रहने की आवश्यकता पड़ती है। जो महिलाएं देरी से गर्भधारण करती हैं उन्हें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

35 के बाद प्रेगनेंसी का है प्लान , तो इन बातों का रखें ध्यान (Tips for Late Pregnancy):

  • एक्सपर्स्ट के अनुसार, 30 वर्ष की उम्र के बाद गर्भधारण करने से होने वाले बच्चे में विभिन्न विकृतियों की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए, अल्ट्रासाउंड कराना ना भूलें।
  • नॉर्मल डिलिवरी या नैचुरल डिलिवरी उन महिलाओं के लिए थोड़ी मुश्किल होती है जो 35 वर्ष के बाद गर्भधारण करती हैं। इसीलिए, ऐसी महिलाओं को सीज़ेरियन या सी-सेक्शन डिलिवरी के लिए मेंटली तैयार रहना चाहिए।
  • प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के उपाय करें। डॉक्टर से इस विषय में चर्चा करती रहें और उनके परामर्श के अनुसार स्टेप्स उठाएं।
  • मोटापा भी मिसकैरिज़ का ख़तरा बढ़ा देता है। इसीलिए, अपने वजन को नियंत्रित करें।
  • एक्सरसाइज़ करें, वॉक पर जाएं और  एक्टिव रहें।
  • अल्कोहल लेना बंद कर दें। प्रेगनेंसी में थोड़ा अल्कोहल पीना भी नुकसानदायक हो सकता है।
  • हेल्दी डायट लें, आयरन, फोलेट और कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं।