ऐसा होना चाहिए गर्भवती के 9वें महीने का डाइट प्लान, जानें क्या खाएं और क्या न खाएं

गर्भवती का खानपान और उसका लाइफस्टाइल बहुत चुनिंदा होना चाहिए। गर्भवती को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है कि उनका आहार बच्चे को ठीक से विकसित होने और बढ़ने के लिए पर्याप्त पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करने वाला होना चाहिए। गर्भवती जो भी खाती है उसका सीधा असर शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है। आज इस लेख में हम आपको गर्भवती के 9वें महीने का डाइट चार्ट बता रहे हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 25, 2020 4:51 PM IST

गर्भवती महिला का खानपान और उसका लाइफस्टाइल बहुत चुनिंदा होना चाहिए। गर्भवती को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है कि उनका आहार बच्चे को ठीक से विकसित होने और बढ़ने के लिए पर्याप्त पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करने वाला होना चाहिए। गर्भवती जो भी खाती है उसका सीधा असर शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है। आज इस लेख में हम आपको गर्भवती के 9वें महीने का डाइट चार्ट बता रहे हैं।

30% से अधिक फैट का सेवन न करें

गर्भवती महिला के आहार में फैट 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इलिनोइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने फिजियोलॉजी जर्नल में बताया कि इस दौरान हाई फैट वाले फूड लेने से शिशु भविष्य में डायबिटीज का शिकार हो सकता है। इसके साथ ही फैट वाले फूड लेने से अन्य नुकसान होने का भी खतरा रहता है। इसलिए महिला को संतुलित और हेल्दी फैट युक्त डाइट लेनी चाहिए। एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में, ओरेगोन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी की एक टीम ने बताया कि फूड और न्यूट्रीशन बुलेटिन क्योंकि मां से नाल में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है।

Consuming Lemon in Pregnancy

फाइबर युक्त डाइट लें

गर्भवती को प्रेग्नेंसी के नवें महीने में फाइबरयुक्त डाइट लेनी चाहिए। साबुत अनाज, जैसे साबुत रोटी, वाइल्ड राइज़, साबुत अनाज पास्ता, दालें, फल और सब्जियां फाइबर से भरपूर होती हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कब्ज होने की काफी समस्या रहती है। फाइबर का भरपूर सेवन कब्ज और पेट संबंधी अन्य समस्याओं को रोकता है। शोधों से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान प्रचुर मात्रा में फाइबर खाने से बवासीर का खतरा या गंभीरता कम हो जाती है, जो भ्रूण के बढ़ने के साथ-साथ और भी सामान्य हो जाती है।

डाइट में शामिल करें कैल्शियम

प्रेग्नेंसी में कैल्शियम का सेवन बहुत जरूरी और फायदेमंद होता है। डेयरी खाद्य पदार्थ, जैसे पनीर, दूध और दही कैल्शियम से भरपूर होते हैं। यदि मां शाकाहारी है तो उसे कैल्शियम-फोर्टिफाइड सोइमिल्क और अन्य प्लांट मिल्क और जूस, कैल्शियम-सेट टोफू, सोयाबीन, बॉक चोय, ब्रोकोली, कोलार्ड्स, चाइनीज गोभी, भिंडी, सरसों का साग, बीन्स, केल, और सोयाबीन जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए। इससे महिला की हड्डियां, नाखून और दांत आदि स्वस्थ और मजबूत रहते हैं। साथ ही शिशु भी शारीरिक रूप से मजबूत होता है।

आयरन युक्त भोजन

आयरन हर व्यक्ति के शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर प्रेग्नेंसी के 9वें महीने की बात करें तो महिला के लिए आयरन युक्त फूड का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन नौवें महीने में आकर इसका महत्व और बढ़ जाता है। आयरन की पूर्ति के लिए आप जामुन, पालक, चिकन, अंडे, मछली, मटर, मसूर, किशमिश और खजूर आदि चीजों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

इन चीजों के सेवन से बचें

1. प्रेग्नेंसी के दौरान कैफीन से दूर रहना चाहिए। चॉकलेट, चाय और कॉफी जैसी चीजों का कम से कम सेवन करें। इससे मां और शिशु दोनों को नुकसान हो सकता है।

2. जंक फूड का सेवन भी गर्भवती को कम से कम करना चाहिए। इनका सेवन करना काफी नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही पाचन संबंधी दिक्कत होने के साथ ही शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी होने लगती है।

3. गर्भवती को धूम्रपान और शराब जैसी चीजों से भी दूर रहना चाहिए। अगर आप इन्हें लेने के आदि हैं तो इनकी मात्रा बहुत सीमित कर दें। इससे मां और शिशु दोनों को कई तरह का खतरा हो सकता है।

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