
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Archana Dhawan Bajaj
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प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव देखने को मिलते हैं। लेकिन, प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में महिलाओं को ज्यादा परेशानियों से जूझना पड़ता है। आपको बता दें कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही आमतौर पर 28वें सप्ताह से लेकर डिलीवरी तक होता है। इस दौरान शिशु का तेजी से विकास होता है और मां के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। बढ़ते हुए गर्भाशय का दबाव फेफड़ों, मूत्राशय और अन्य अंगों पर पड़ता है, जिसकी वजह से बार-बार पेशाब आ सकता है या सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। हालांकि, बच्चे के जन्म के साथ ही ये बदलाव सामान्य होने लगते हैं और धीरे-धीरे महिला सामान्य जीवन में आ जाती है। आइए, आइए, नर्चर आईवीएफ की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान कौन-सी सामान्य परेशानियां हो सकती हैं।
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में महिलाओं को कुछ सामान्य परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। जैसे-
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान महिलाओं को सांस लेने में मुश्किल महूसस हो सकती है। दरअसल, जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है फेफड़ों पर दबाव पड़ने लगता है। इसकी वजह से महिलाओं को सांस फूलने या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
तीसरी तिमाही के दौरान महिलाओं को एसिडिटी की वजह से सीने में जलन से परेशान होना पड़ सकता है। हार्मोनल बदलाव और गर्भाशय के तेजी से बढ़ने की वजह से पेट का एसिड ऊपर की तरफ आ जाता है। इसकी वजह से सीने में जलन महसूस हो सकती है।
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के अंदर महिलाओं के हाथ, पैर और चेहरे पर सूजन नजर आ सकती है। हालांकि, इसे सामान्य माना जाता है। सूजन होने पर घबराने की जरूरत नही हैं। लेकिन, अगर सूजन अचानक से नजर आए तो इस स्थिति में डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है। यह प्री-एक्लेम्पसिया (हाई बीपी) का एक संकेत हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान नसों पर बढ़ते दबाव और कब्ज की वजह से बवासीर की समस्या हो सकती है। इससे मल त्याग के दौरान दर्द या रक्तस्राव भी हो सकता है।
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान नींद न आने की समस्या भी परेशान कर सकती है। इस दौरान रात में बार-बार पेशाब आने की वजह से नींद टूट सकती है। बच्चे की हलचल की वजह से भी नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है। इस दौरान स्ट्रेस और चिंता भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से अनिद्रा की समस्या हो सकती है।
तीसरी तिमाही के दौरान स्तनों में भी बदलाव नजर आ सकता है। इस तिमाही में स्तन बेहद सेंसिटिव हो जाते हैं और इनमें से हल्का पीला या पानी जैसा तरल पदार्थ निकल सकता है। इसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है।
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान कुछ लक्षण नजर आना आम है। लेकिन, अगर समस्या काफी बढ़ जाए या ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो संकेतों की अनदेखी बिल्कुल न करें। ये लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिले।
Disclaimer: प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही का समय बेहद नाजुक होता है। इसलिए इस दौरान महिलाओं को अपनी सेहत पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है। अगर आपको प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में कोई असामान्य लक्षण महसूस हो या कोई अन्य लक्षण महसूस हो तो तुरंत अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिले और जांच कराएं।