... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:09 PM IST
सिट्रस फ्रूट नींबू वंश के फल होते हैं, जैसे कि संतरा, किन्नू, नींबू मौसंबी आदि। ये फल गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। बैंगलोर की सीनियर न्यूट्रीशनिस्ट शोभा शास्त्री कहती हैं, ‘गर्भावस्था में सिट्रस फ्रूट बहुत तरीकों से फायदेमंद साबित होते हैं। एक गर्भवती महिला को दिन में 3 से 4 बार फल खाने चाहिए जिनमें दो बार सिट्रस फल होने चाहिए।’ आइये जानें ऐसे ही 4 सिट्रस फ्रूट्स जो गर्भवती महिलाओं को ज़रूर खाने चाहिए।
Read this in English
अनुवादक – Shabnam Khan
सिट्रस फ्रूट नींबू वंश के फल होते हैं, जैसे कि संतरा, किन्नू, नींबू मौसंबी आदि। ये फल गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। बैंगलोर की सीनियर न्यूट्रीशनिस्ट शोभा शास्त्री कहती हैं, ‘गर्भावस्था में सिट्रस फ्रूट बहुत तरीकों से फायदेमंद साबित होते हैं। एक गर्भवती महिला को दिन में 3 से 4 बार फल खाने चाहिए जिनमें दो बार सिट्रस फल होने चाहिए।’ आइये जानें ऐसे ही 4 सिट्रस फ्रूट्स जो गर्भवती महिलाओं को ज़रूर खाने चाहिए।
1) संतरा
संतरे विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है और ये तत्व आयरन, ज़िंक और कैल्शियम को शरीर में अवशोषित होने में मदद करता है। इतना ही नहीं, संतरे के छिलके में संतरे से दो गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। डॉक्टर शोभा शास्त्री कहती है, ‘संतरे के छिलके के छिलके को घिसकर या पीसकर शिकंजी और मीठी चीज़ों में मिलाकर खाया जा सकता है, इससे नैचुरल फ्लेवर भी मिलता है।’ वो कहती हैं, ‘अध्ययनों में ये बात सामने आई है कि संतरा खाने से मां को कम ऐलर्जी होती है और बेबी का मस्तिष्क अच्छी तरीके से काम करता है।’
2) कीवी
फॉलिक एसिड का अच्छा स्रोत होने के अलावा, कीवी फल में पोटैशियम, फास्फोरस और कॉपर जैसे कई दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं। डॉक्टर शोभा कहती हैं, ‘इस फल का फाइबर मां का ब्लड ग्लूकोज़ स्तर सही बनाए रखता है जिससे कि शिशु के शरीर में मैक्रोसोमिक (macrosomic) का निर्माण होने से बच जाता है। गर्भावस्था में होने वाली आम समस्या जैसे कि कब्ज़, ब्लॉटिंग और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं में राहत पाने के लिए भी ये फल अच्छा है।’
3) ग्रेपफ्रूट
ये एक प्रकार की नारंगी होती है जिसे चकोतरा भी कहते हैं। इसमें फॉलिक एसिड और बायोफ्लेवोनॉइड्स जैसे कि लिमिनॉइड्स (liminoids), लाइपोसीन (lycopene), विटामिन ए, विटामिन बी5, पोटैशियम और फाइबर होता है। डॉक्टर शोभा कहती हैं, ‘इस फल में मौजूद बायोफ्लेवोनॉइड्स कनेक्टिव टिशू (connective tissues) को मजबूत करते हैं, जलन कम करते हैं, और ऐसा करके मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को कई ऐलर्जी से बचा लेते हैं।’
4) मौसंबी
विटामिन सी का अच्छा स्रोत होने के अलावा, मौसंबी को फॉलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंटेस का भी पावरहाउस कहा जाता है जो शिशु के विकास के लिए अच्छे हैं। डॉक्टर शोभा कहती हैं, ‘गर्भावस्था में मौसंबी पीने से कब्ज़, गैस, मतली, बजहज़मी और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं में राहत पाई जा सकती है।’
चित्र स्रोत - Shutterstock