
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 3, 2021 11:21 AM IST
Image credits by: पूरी प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे के विकास के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है.
प्रेगनेंसी में हेल्दी डाइट लेने से मां की सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही बच्चे का विकास भी अच्छी तरह से होता है। डॉक्टर्स कहते हैं कि प्रेगनेंट महिला का डाइट प्लान (Pregnant Woman Diet Plan) कैसा होना चाहिए या क्या चीजें खानी चाहिए और क्या नहीं ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बस इस बात का ध्यान रखें कि गर्भवती के खानपान में खूब सारा पानी, फल, सब्जियां, जूस, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होने चाहिए। हालांकि कुछ न्यूट्रीएंट्स (Nutrients In Pregnancy) ऐसे होते हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान खास भूमिका निभाते हैं। इनमें फोलिक एसिड, आयरन, जिंक, कैल्श्यिम, विटामिन सी और प्रोटीन आदि शामिल हैं। ये सभी पोषक तत्व हमारे शरीर में अहम भूमिका निभाते हैं और शिशु के बेहतर विकास में मदद करते हैं। आइए नेशनल न्यूट्रीशन वीक (National Nutrition Week 2021) के मौके पर एक-एक कर जानते हैं प्रेगनेंसी में इन सभी पोषक तत्वों का क्या रोल है-
फोलिक एसिड को फोलेट और विटामिन बी भी कहते हैं, यह पोषक तत्व न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट को कम करने और बच्चे के दिमाग व स्पाइनल कॉर्ड में किसी तरह की असमान्यता को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, फोलिक एसिड लेने से महिला में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण (Folic Acid Helps Formation Of Red Blood Cells In Women) होता है। वैसे तो डॉक्टर गर्भवती महिला को फोलिक एसिड की दवा (Folic Acid Tablets) लेने को कहते हैं लेकिन कई ऐसे नेचुरल स्त्रोत भी हैं जिनके सेवन से आप फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा ले सकते हैं। खट्टे फल, सूखी बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक और मूंगफली आदि फोलिक एसिड में जबरदस्त स्त्रोत हैं।
मां के साथ ही शिशु की मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है। कैल्शियम आपके रक्त परिसंचरण तंत्र, पेशीय और तंत्रिका तंत्र को सामान्य रूप से चलाने में मदद करता है। प्रति दिन 1,000 मिलीग्राम की जरूरत होती है जबकि किशोरी महिलाओं को 1 दिन में 1,300 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है। डेयरी प्रॉडक्ट्स, साल्मन मछली, पालक, चीज, दही और जूस आदि कैल्शियम के मुख्य स्त्रोत हैं।
प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, दूध पिलाने वाली माताओं या गर्भवती महिलाओं को 1 दिन में 6000 iu विटामिन डी (60,000 iu Vitamin D During Pregnancy) की जरूरत होती है। गर्भवती मां का विटामिन डी स्तर भ्रूण की हड्डी और फेफड़ों के विकास, अस्थमा और इम्यूनिटी को प्रभावित कर सकता है। शरीर में कम विटामिन डी के कारण मां और भ्रूण में नवजात हाइपोकैलेमिक लक्षण, स्केलेटस विकास संबंधी परेशानियां, इम्युनिटी संबंधी परेशानियां और प्री-एक्लेमप्सिया जैसे रोग हो सकते हैं। मछली, दूध, जूस और अंडों में प्रचुर मात्रा में विटामिन डी होता है।
पूरी प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे के विकास के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। प्रतिदिन कम से कम 71 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। लीन मीट, मछली, अंडे, दाल, फल और पोल्ट्री प्रोटीन का उच्च स्त्रोत हैं।
हमारा शरीर हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन का इस्तेमाल करता है। लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन जो ऑक्सीजन को टीश्यूज तक ले जाने का काम करता है। एक आम महिला की तुलना में गर्भवती को आयरनकी ज्यादा जरूरत होती है। आपका शरीर इस आयरन को ज्यादा ब्लड बनाने के लिए इस्तेमाल करता है जिससे बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचती है। प्रेगनेंसी में आयरन की कमी होने पर कमजोरी और चक्कर आने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। इसके अलावा इससे प्रिमेच्योर बेबी और लो बर्थ वेट बेबी का खतरा भी बढ़ता है। गर्भवती को प्रतिदिन 27 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है। लीन रेड मीट, फिश, फल, हरी सब्जियां और दालें आयरन का स्त्रोत हैं।
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