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प्रेगनेंसी में जरूर रखें इन पोषक तत्‍वों का ख्‍याल, हेल्‍दी होगा बेबी

6 पोषक तत्व ऐसे हैं जो गर्भ में शिशु के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके अभाव में शिशु के कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आने का जोखिम बना रहता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : February 20, 2019 1:47 PM IST

मां के गर्भ में शिशु के विकास के लिए सभी पोषक तत्व बहुत महत्वपूर्ण है,  लेकिन 6 पोषक तत्व ऐसे हैं जो गर्भ में शिशु के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके अभाव में शिशु के कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आने का जोखिम बना रहता है। आइए जानते हैं कौन से हैं वे पोषक तत्‍व और क्‍या हैं इनके स्रोत।

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गर्भावस्‍था में अत्‍यावश्‍यक पोषक तत्‍व

  • फोलिक एसिड (Folic acid)
  • आयरन (Iron)
  • कैल्शियम (calcium)
  • विटामिन डी (Vitamin D)
  • DHA
  • आयोडीन (Iodine)

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जानें इनके स्रोत एवं आवश्‍यकता

फोलिक एसिड (Folic acid)

फोलिक एसिड, बी विटामिन है जिसकी आवश्यकता शरीर की हर कोशिका को होती है ताकि वह सही तरीके से अपना विकास कर सके और स्वस्थ रह सके। गर्भ धारण करने से पहले फोलिक एसिड लेने से आगे चलकर गर्भधारण करने के बाद गर्भ में पल रहे शिशु को birth defects से बचाता है। इसके लिए आपको अपने आहार में डबल रोटी, अनाज जैसे गेहूं और चावल, आटा और पास्ता, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे चौलाई साग,  ब्रोकोली, दाल और बींस, संतरे का जूस आदि को शामिल करना चाहिए।

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healthy-diet-pregnancy अपने आहार में अनाज,  डबल रोटी,  पास्ता, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल,  बींस,  सूखे मेवे ( ड्राई फ्रूट्स), मीट, मछली, चिकन आदि को शामिल करना चाहिए। © Shutterstock

आयरन (Iron)

आयरन एक प्रकार का खनिज है जो शरीर में खून की कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है। यह रक्त में मुख्य रूप से hemoglobin के निर्माण में सहायता करता है जो फेफड़ों (lungs) से ऑक्सीजन को लेकर के शरीर के हर हिस्से में पहुंच जाता है। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर को आयरन (Iron) की दुगनी मात्रा की आवश्यकता पड़ती है। जब आप गर्भवती होती हैं तो आपके शरीर को समान अवस्था से ज्यादा खून की आवश्यकता पड़ती है ताकि ऑक्सीजन को आपकी फेफड़ों (lungs) से  गर्भ में पल रहे शिशु के शरीर तक पहुंचाया जा सके। गर्भ में शिशु को भी आयरन की आवश्यकता पड़ती है ताकि उसका शरीर खुद भी रक्त का निर्माण कर सकें। इसके लिए आप अपने आहार में अनाज,  डबल रोटी,  पास्ता, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल,  बींस,  सूखे मेवे ( ड्राई फ्रूट्स), मीट, मछली, चिकन आदि को शामिल करना चाहिए।

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कैल्शियम (calcium)

कैल्शियम शरीर में दांतो के और हड्डियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह ह्रदय, मांसपेशियों तथा तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर को प्रतिदिन 1,000 milligrams  कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है। अगर आपके माध्यम से आपके शरीर को प्रतिदिन कितनी मात्रा में कैल्शियम नहीं प्राप्त हो रहा है तो prenatal vitamin के सेवन से आपको हर दिन 1,000 milligrams  कैल्शियम मिल जाएगा। निमाड़ से आपको प्रतिदिन की आवश्यकता कैल्शियम मिल जाना चाहिए। इसके लिए दूध और उससे बने उत्पाद जैसे कि पनीर और दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, संतरे का जूस जिसे कैल्शियम से फोर्टीफाइड किया गया है, को आहार में शामिल करना चाहिए।

DHA (omega-3 fatty acid)

DHA, संक्षिप्त नाम है जिसे docosahexaenoic acid कहा जाता है। यह एक प्रकार की वसा है जिसे omega-3 fatty acid कहते हैं। यह गर्भ में पल रहे शिशु के शारीरिक विकास से बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर को प्रतिदिन 200 milligrams DHA की आवश्यकता पड़ती है ताकि आपके शिशु के मस्तिष्क और आंखों का निर्माण अच्छी तरह से हो सके। मछली, संतरे का जूस (fortified),  दूध (fortified), अंडा  शरीर के लिए डीएचए की पूर्ति करते हैं।

 आयोडीन (Iodine)

आयोडीन एक प्रकार का खनिज है जो शरीर में thyroid hormones के निर्माण में मदद करता है। शरीर में thyroid gland गले में मौजूद होता है और यह thyroid hormones का निर्माण करता है। यह हार्मोन शरीर की सहायता करता है ताकि आपका शरीर आहार से मिलने वाली ऊर्जा का संचय (store) कर सकें। गर्भावस्था में आयोडीन गर्भ में पल रहे शिशु के दिमागी विकास और तंत्रिका तंत्र के निर्माण में सहायक होता है। दिमाग और तंत्रिका तंत्र की वजह से गर्भ में शिशु सोचना और महसूस करना शुरू करता है। गर्भावस्था के दौरान आप के शरीर को प्रतिदिन 220 milligrams DHA की आवश्यकता पड़ती है। आयोडीन की पूर्ति के लिए मछली, दूध पनीर और दही, डबल रोटी और अनाज (fortified), आयोडीन युक्त नमक गर्भवती के आहार में जरूर शामिल किया जाना चाहिए।