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Written By: Pallavi Kumari | Updated : August 4, 2022 10:07 AM IST
Breastfeeding week 2022: मां का गढ़ा पीला दूध शिशु के लिए जीवनदायिनी है। ये ना सिर्फ एक बच्चे के विकास में मददगार है बल्कि, इम्यूनिटी भी बढ़ाता है और शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। लेकिन किसी भी कारण से बच्चे को मां का दूध पर्याप्त मात्रा में ना मिल पाने से उसका विकास रूक सकता है। ऐसे में मां का दूध कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक है स्तनपान के दौरान मां का खान-पान सही ना होना। दरअसल, इस दौरान डाइट का सही ना होना ब्रेस्ट मिल्क में अधिकांश मैक्रो और सूक्ष्म पोषक तत्वों की संरचना को प्रभावित करता है। इससे मां और बच्चे की सेहत दोनों ही तरह से प्रभावित होती है और इसके कई लक्षण नजर आते हैं, जिसके बारे में हमने Ms. Mansi Shah, Lactation Consultant, Jaslok Hospital से बात की।
मानसी शाह (Ms. Mansi Shah) बताती हैं कि अगर स्तनपान कराने वाली मां अच्छी तरह से नहीं खा रही है तो यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेतक है जो मां को सामना करना पड़ सकता है और बच्चे पर भी इसका असर हो सकता है। स्तन के दूध में कुछ सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं जो विटामिन ए, डी, बी 6, बी 12 और कुछ अन्य बी कॉम्प्लेक्स जैसे होते है, जो कि डाइट की कमी से प्रभावित हो सकते हैं।
डिलीवरी के बादअगर मां दुखी रहने लगती या फि डिप्रेशन का शिकार होने लगती है तो उनका खाना-पीना कम हो सकता है। साथ ही अगर मां प्रसवोत्तर अवसाद से पीड़ित है तो उसे भोजन में रुचि नहीं हो सकती है। इससे स्तन के दूध की मात्रा और इसका न्यूट्रिशन प्रभावित होता है।
एनोरेक्सिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें आपको लगता है कि आप मोटे हो गए हैं। इसमें शरीर का वजन ज्यादा बढ़ने का डर लगा रहता है। ऐसे में लक्षणों में मां खाना खाना छोड़ देती है और भुखमरी का शिकार हो जाती हैं। इसके अलावा वेट लॉस के लिए एक्सरसाइज करने लगती हैं। इस स्थिति में ब्रेस्ट मिल्क की मात्रा और क्वालिटी प्रभावित होने लगती है। ऐसे में सामान्य वजन बनाए रखने में चिकित्सा उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
बुलिमिया (Bulimia) एकईटिंग डिसऑर्डर है। इस स्थिति वाले लोग कम खाने लगते हैं। फिर वे वजन बढ़ाने से बचने के लिए कदम उठाते हैं। जब प्रेग्नेंसी के बाद मां जब ये करने लगती हैं तो इससे शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं, जैसे उल्टी और भूख की कमी। ऐसे में आपउपचार में दवा और पोषण की सही करके इस समस्या से बच सकते हैं।
ब्रेस्टमिल्क उत्पादन शरीर के लिए ऊर्जा की खपत करने वाली प्रक्रिया है। स्तनपान कराने वाली मां को अपने बीएमआई के आधार पर रोजाना अतिरिक्त +300-500 कैलोरी की जरुरत होती है। इसलिए डाइट में फल, सब्जियों और ओमेगा-3 से भरपूर फूड्स को शामिल करें। इसके अलावा मां कैल्शियम से भरपूर फूड्स ले सकती हैं, जिनसे के साथ वो विटामिन सी से भरपूर चीजें लें। साथ ही मां, मेवे, दाल जो कि प्रोटीन से भरपूर होते हैं और अंडा आदि का सेवन कर सकती हैं। तो, इस तरह मां को ब्रेस्टमिल्क की मात्रा और प्रोडक्शन को सही रखने के लिए अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।