प्रेगनेंसी में लो-फैट दूध या स्किम्ड मिल्क पीना है बेहतर!

एक गिलास दूध भ्रूण के विकास में मदद कर सकता है और प्रेगनेंसी में आपको फिट भी रखेगा।

WrittenBy

Written By: Editorial Team | Published : October 11, 2017 1:12 PM IST

गर्भावस्था या प्रेगनेंसी में, आपको डायट से जुड़ी ढेर सारी सलाहें दी जाती हैं और उनमें से एक सलाह रोज़ कम से कम एक गिलास दूध पीने की भी है। न केवल आपका परिवार आपको दूध पीने के लिए मज़बूर करेगा, बल्कि डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट भी यही सलाह देते हैं। अगर आप दूध पीना पसंद नहीं करती हैं, तो आपके लिए इसका स्वाद बर्दाश्त करना और दूध पीने की आदत अपनाना मुश्किल हो सकता है। यदि आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस (lactose intolerant) हैं तो यह और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि आपको डायरिया, मतली जैसी पाचन संबंधी तकलीफें हो सकती हैं।

हालांकि, कोई इनकार नहीं करता है कि दूध एक हेल्दी भोजन है और यह प्रेगनेंट मां और उसके बच्चे दोनों को पोषण प्रदान कर सकता है। अगर आपको प्रेगनेंसी में दूध पीना है तो बेहतर होगा कि आप लो-फैट  दूध पीएं। यह एक हेल्दी बदलाव है जो आपको अपनी प्रेगनेंसी के दौरान करना चाहिए। इसके कई कारण हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप लो-फैट या स्किम्ड मिल्क पीते हैं तो आप साधरण दूध या व्होल मिल्क की तुलना में कम सैचुरेटेड फैट का सेवन करेंगे।

स्टडीज़ में यह बात सामने आई है कि प्रेगनेंसी के दौरान दूध और प्रोटीन का सेवन भ्रूण के विकास में मदद करता है और बच्चे की हड्डियों को विकसित होने में मदद करता है।[1] लेकिन अगर आप व्होल मिल्क पी रही हैं, तो आप इस बात का ध्यान रखें कि कैल्शियम और प्रोटीन के साथ आप जो फैट ले रही हैं वह आपके और आपके बच्चे के लिए अच्छा नहीं है। अगर आपका वजन ज़्यादा है और अगर आप उन एक्स्ट्रा कैलोरीज़ को बर्न नहीं करतीं, तो यह एक्स्ट्रा फैट प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है।

जहां दूध कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लेकिन वहीं कुछ स्टडीज़ में यह भी संकेत दिया गया है कि दूध पीने से जन्म के समय बच्चे का वजन अधिक होता है, और इसके चलते भविष्य में उसे विभिन्न प्रकार की बीमारियों का ख़तरा हो सकता है। स्टडीज़ से पता चलता है कि हमें प्रेगनेंसी में दूध पीने की अहमियत पर एक बार और सोचने की ज़रूरत है।[2] हालांकि, रहा सवाल यह  कि क्या आपको प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए या नहीं, इसपर अभी कुछ निष्कर्ष नहीं निकला है। इसलिए, अगर आप रोज़ एक-दो गिलास दूध पीना चाहती हैं और आपको लगता है कि यह आपके बच्चे के लिए फायदेमंद है, तो लो-फैट दूध पीएं। बेहतर होगा कि आप इस बारे में किसी डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से भी बात करें।

Read this in English.

अनुवादक-Sadhna Tiwari

चित्रस्रोत-Shutterstock Images.

संदर्भ- [1] Borazjani, F., Angali, K. A., & Kulkarni, S. S. (2013). Milk and protein intake by pregnant women affects growth of foetus. Journal of health, population, and nutrition, 31(4), 435.

[2] Melnik, B. C., John, S. M., & Schmitz, G. (2015). Milk consumption during pregnancy increases birth weight, a risk factor for the development of diseases of civilization. Journal of translational medicine, 13(1), 13.

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source