Pregnancy Sleeping Tips: प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का शरीर लगातार कई बदलावों से गुजरता है। इस दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। प्रेग्नेंसी में सभी महिलाएं अपने खान-पान, मानसिक स्थिति और दिनचर्या पूरा ख्याल रखती हैं। जबकि, रात में समय पर सोना जरूरी होता है। क्योंकि, देर रात में सोने का सीधा असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों पर पड़ता है। इसलिए महिलाओं को रात में समय पर जरूर सोना चाहिए, इससे आपको भी रिलैक्स फील होगा और तनाव से भी राहत मिलेगी। आइए, नर्चर की आईवीएफ एक्सपर्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज (Dr. Archana Dhawan Bajaj, Gynaecologist and IVF Expert at Nurture) से जानते हैं की प्रेग्नेंसी में देर रात तक सोने से क्या नुकसान होता है और कब-कैसे सोना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में देर रात में सोना क्यों होता है नुकसानदायक?
देर रात में सोने से नींद की कमी पूरी नहीं हो पाती है। इससे स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर जाता है। इसकी वजह से प्रि-एक्लेम्पसिया का खतरा बढ़ सकता है। यह प्रेग्नेंसी के 20वें सप्ताह के बाद होने वाली एक गंभीर स्थिति है। पेशाब में झाग आना इसका सबसे आम लक्षण होता है। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंसी में देर रात सोते हैं तो इससे ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है।
नींद की कमी से गर्भावधि मधुमेह का जोखिम भी बढ़ जाता है। कम नींद से शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इससे ब्लड शुगर बढ़ने लगता है।
अगर आप प्रेग्नेंसी में देर रात को सोएंगी तो इससे सुबह थकान और सुस्ती महसूस कर सकती है। देर रात तक सोने से आपको चिड़चिड़ापन भी हो सकता है।
नींद पूरी न होने से चिंता और तनाव बढ़ सकता है। प्रेग्नेंसी में देर रात तक सोने से डिप्रेशन की संभावना भी बढ़ सकती है। जबकि, प्रेग्नेंसी में तनावमुक्त रहना बहुत जरूरी होता है।
देर रात में सोने से डिलीवरी के दौरान कई तरह की जटिलताएं भी बढ़ सकती हैं।
प्रेग्नेंसी में समय पर सोना क्यों है जरूरी?
प्रेग्नेंसी में समय पर सोना बहुत जरूरी होता है। दरअसल, शरीर की एक जैविक घड़ी (सर्कैडियन रिदम) होती है। यह दिन और रात के अनुसार काम करती है। रात में शरीर रिपेयर और हार्मोन संतुलन का काम करता है। प्रेग्नेंसी में यह प्रक्रिया बहुत जरूरी हो जाती है, क्योंकि इस दौरान भ्रूण का विकास तेजी से हो रहा होता है।
दरअसल, देर रात में सोने से मेलाटोनिन हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। यह हार्मोन नींद और भ्रूण के विकास से जुड़ा होता है। अगर महिला देर रात में सोती है, तो इससे उसका ऊर्जा, मूड और शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।
गर्भवती महिलाओं को रात 10 से 11 बजे के बीच सो जाना चाहिए। आपको रोजाना एक निश्चित समय पर सो जाना चाहिए और सुबह समय पर उठने की आदत डालनी चाहिए। नींद पूरी करने के लिए आप दिन के समय 20 से 30 मिनट की छोटी सी झपकी भी ले सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में कैसे सोना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में आपको बाईं करवट लेकर सोना चाहिए। दूसरी और तीसरी तिमाही में बाईं करवट सोना सुरक्षित माना जाता है। इससे गर्भाशय और प्लेसेंटा में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे शिशु को पर्याप्त रूप से ऑक्सीजन और पोषण मिलता है।
प्रेग्नेंसी में आपको घुटनों के बीच और पीठ के पीछे तकिया लगाकार सोना चाहिए। इससे आपको कमर के दर्द से राहत मिल सकती है। तकिया लगाकर रखने से आपको नींद भी अच्छी आएगी।
अगर आप अच्छी नींद चाहते हैं, तो सोने से पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल करने से बचें। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन से दूरी बना लें।
प्रेग्नेंट महिलाओं को हैवी और मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए। इससे आपको एसिडिटी की दिक्कत हो सकती है। आपको सोने से 2 से 3 घंटे पहले डिनर कर लेना चाहिए।
आपको गुनगुने पानी से जरूर स्नान करना चाहिए। आप गहरी सांस लें और हल्का योगाभ्यास भी करें।
Highlights:
प्रेग्नेंसी में आपको देर रात में नहीं सोना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में बाईं करवट लेकर सोना फायदेमंद होता है।
प्रेग्नेंसी में आपको 10 से 11 बजे के बीच सो जाना चाहिए।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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