
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma
Ayurveda fertility treatment (AI generated image)
अक्सर ऐसा कहा जाता है कि जब एक बच्चा पैदा होता है, उसके साथ-साथ उसकी मां भी जन्म लेती है। अब आपको इस बात को आपको प्रैक्टिकली सोचने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपको महसूस करना होगा कि उस समय एक मां भी दूसरा जन्म ही लेती है। गर्भधारण करना और मां बनने का सपना कुछ महिलाओं बहुत जल्दी पूरा हो जाता है, जबकि कुछ महिलाओं को बहुत मेहनत करनी पड़ती है और यहां तक कि कुछ महिलाओं को उम्मीद छोड़कर बैठना पड़ जाता है। लेकिन कुछ महिलाएं हैं जो कभी हार नहीं मानती और उनमें से एक श्रद्धा की कहानी है, जिसने हार नहीं मानी। इस लेख में हम उस महिला की आपबीती जानेंगे किस प्रकार उन्होंने हार नहीं मानी और फिर आयुर्वेद ने उसका साथ भी दिया।
श्रद्धा की कहानी हम सबके लिए एक मिसाल है और एक सीख भी है कि 6 साल का संघर्ष, पीसीओडी, इर्रेगुलर पीरियड्स और 3 बार IUI फेल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी।
श्रद्धा को जब उन्हें पता चला कि उनका गर्भधारण करना मुश्किल है और डॉक्टर ने कह दिया कि शायद अब IVF ही आखिरी विकल्प है। लेकिन श्रद्धा खुद भी एक डॉक्टर हैं और इसलिए उन्होंने हार मानकर घर पर बैठने की बजाय और जगह जांच कराने का फैसला किया। श्रद्धा को लग रहा था कि कहीं न कहीं कोई टेस्ट तो जरूर होगा जो शरीर के अंदर के कारण का पता लगा पाएगा और ऐसे हर जगह ट्राई करते-करते 6 साल हो गए, लेकिन कहीं भी सफलता हाथ नहीं लगी।
इतने साल अलग-अलग अस्पतालों में और न जाने कितनी तरह की दवाएं खाने के बाद भी जब सफलता हाथ नहीं लगी और धीरे-धीरे उम्मीदें टूटने लगी थी। लेकिन फिर आयुर्वेद से उम्मीद की किरण दिखने लगी। ऑनलाइन सर्च करते हुए एक दिन श्रद्धा को आयुर्वेद में ही उम्मीद की किरण दिखी और उस दिन से ही उनकी सफलता की जर्नी शुरू हो गई थी।
सिर्फ 2-3 महीने के सही इलाज और सब्र ने उन्हें वो खुशी दी जो शायद सर्जरी कभी नहीं दे पाती। अगर आप 30-32 साल की हैं और आपको लगता है कि समय निकलता जा रहा है, तो श्रद्धा के जुड़वां बच्चों की मुस्कान को देखिए। आयुर्वेद में हर तकलीफ का इलाज है; बस जरूरत है थोड़े भरोसे और सही इलाज की। खुशी मिलने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन यह जरूर मिलती है।
आयुर्वेद का मानना है कि आपके शरीर को किसी भी बीमारी से उभरने के लिए सिर्फ दवाई की जरूरत नहीं बल्कि अपने शरीर को समझने की जरूरत है। अगर आप अपने शारीरिक तकलीफें नजरअंदाज करते है तो आगे जाके यही तकलीफें बीमारियों में तब्दील हो सकती है। आयुर्वेद बीमारी को जड़ से खत्म करता है उससे दबाता नहीं, यह समय ले सकता है पर असर भी करता है।
आशा आयुर्वेद की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल आयुर्वेद से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देना है। इस में दी गई जानकारी और कहानी संबंधित व्यक्ति की अनुमति के बाद इंटरनेट पर साझा की गई है। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।