Lupus की बीमारी बढ़ा सकती है जेस्टेशनल डायबिटीज का रिस्क, हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए एक्सपर्ट्स देते हैं इस तरह की सावधानियां बरतने की सलाह

एक नयी स्टडी के दौरान यह देखा गया कि ल्यूपस से पीड़ित उन महिलाओं में  जेस्टेशनल डायबिटीज का रिस्क कम था जिन्होंने कम से कम एक बच्चे को जन्म दिया हो।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 11, 2022 12:16 AM IST

Lupus In Pregnancy: एक नयी स्टडी में पाया गया है कि ऑटोइम्यून बीमारी ल्यूपस से पीड़ित प्रेगनेट महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज होने का रिस्क अधिक होता है। इन महिलाओं में गर्भावधि मधुमेह या जेस्टेशनल डायबिटीज मेलिटस का खतरा (risk of developing gestational diabetes) अन्य प्रेगनेंट महिलाओं की तुलना में दो गुना अधिक होता है।  बता दें कि जेस्टेशलन डायबिटीज मेलिटस एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर लेवल बहुत हाई होता है।  हालांकि, स्टडी के दौरान यह देखा गया कि ल्यूपस से पीड़ित उन महिलाओं में  जेस्टेशनल डायबिटीज का रिस्क कम था जिन्होंने कम से कम एक बच्चे को जन्म दिया हो।

ल्यूपस में जेस्टेशनल डायबिटीज का रिस्क अधिक

स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने  695 ल्यूपस की मरीज और गर्भवती महिलाओं (pregnancies of women with lupus) की केस स्टडी की। जबकि इसी स्टडी में अन्य 4,644 स्वस्थ महिलाओं को भी शामिल किया गया। स्टडी के दौरान पाया गया कि,

  • लगभग 2.6 प्रतिशत महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज(Gestational diabetes) पाया गया।
  • जबकि, 1.4% स्वस्थ महिलाओं में भी जेस्टेशनल डायबिटीज की संभावना अधिक दिखायी गयी है।
  • यही नहीं, ल्यूपस की मरीज महिलाओं में नॉर्मल डिलीवरी की संभावना कम और सी-सेक्शन (cesarean section) की संभावना अधिक (लगभग 31.1%)  देखी गयी।
  • इन आंकड़ों के आधार पर एक्सपर्टस की राय है कि ल्यूपस के जल्द निदान और नियमित स्क्रिनिंग से प्रेगनेंसी के दौरान कॉम्प्लिकेशन्स की संभावना कम हो सकती है।

ल्यूपस के कारण क्या हैं?

इस बीमारी का कारण सुन लोग हैरान हो जाते हैं क्योंकि ल्यूपस से पीड़ित व्यक्ति का इम्यून सिस्टम उसे ही नुकसान पहुंचाने लगता है। ल्यूपस में पीड़ित व्यक्ति के शरीर में सूजन और जलन बहुत अधिक बढ़ सकती है। वहीं, ल्यूपस में मरीज के  हार्ट, ब्रेन और कोशिकाओं पर इस गम्भीर प्रभाव देखा जाता है। ल्यूपस ( Lupus) एक ऑटोइम्यून बीमारीहै जिसमें शरीर के कई अंगों पर प्रभाव पड़ता है। इस बीमारी के मरीजों की तादाद यूं तो भारत में काफी कम है लेकिन, ल्यूपस के हाई रिस्क ग्रुप्स के बारे में बात करें तो महिलाओं में पुरुषों की तुलना में इसकी संभावना अधिक देखी जाती है।

ल्यूपस के लक्षण

  • स्किन पर जलन और सूजन
  • सांस लेने से जुड़ी समस्याएं
  • बहुत अधिक थकान
  •  बुखार और सिरदर्द
  •  जोड़ों में दर्द
  • चेस्ट पेन

प्रेगनेंसी में ल्यूपस मरीज अपना ख्याल कैसे रख सकते हैं? (lupus and pregnancy)

आंकड़ों के अनुसार ल्यूपस से पीड़ित करीब 20 से 30 फीसदी महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक दिक्कतें आ सकती हैं। वहीं, कुछ मामलों में स्थिति काफी गम्भीर हो जाती है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ सकता है। तो ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ल्यूपस से पीड़ित महिलाएं हेल्दी प्रेगनेसी पा सकती हैं या वे एक हेल्दी बच्चे को जन्म दे सकती हैं?

एक्सर्ट्स के अनुसार, ल्यूपस में भी हेल्दी प्रेगनेंसी (healthy pregnancy with lupus) संभव है। लेकिन, ल्यूपस में प्रेगनेंसी के दौरान कॉम्प्लिकेशन्स (complications during pregnancy) बढ़ सकती है। इसीलिए, जिन महिलाओं  को ल्यूपस हो उन्हें डॉक्टरी मदद और परामर्श के आधार पर हेल्दी प्रेगनेंसी प्लान करनी चाहिए।

ल्यूपस में प्रेगनेंसी कैसे प्लान की जा सकती है?

  • अगर आप ल्यूपस से पीड़ित हैं तो गर्भधारण से कुछ महीने पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें।
  • डॉक्टर के परामर्श के अनुसार अपनी दवाइयों की खुराक और लाइफस्टाइ में बदलाव करें।
  • चूंकि ल्यूपस का कोई स्थायी इलाज नहीं है इसीलिए, इस बीमारी के लक्षणों को कंट्रोल करते हुए इसके उपचार के प्रयास किए जाते हैं। इसीलिए, प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले ल्यूपस के लक्षणों को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है।
  • अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या किडनी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं तो अपनी स्थिति को हेल्दी तरीके से मैनेज करें। यह प्रेगनेंसी में कॉम्प्लिकेशन्स के रिस्क को कम करेगा।

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