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पटाखों के धुएं से प्रेग्नेंट महिलाओं को हो सकती हैं ये 7 गंभीर परेशानियां, जानें कैसे करें बचाव

दिवाली पर जलाए जाने वाले पटाखों के धुएं से गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चे को कई समस्याएं हो सकती है। आइए ऐसे ही 7 समस्याओं और उनके समाधान के बारे में जानते हैं।

पटाखों के धुएं से प्रेग्नेंट महिलाओं को हो सकती हैं ये 7 गंभीर परेशानियां, जानें कैसे करें बचाव

Written by anant shukla |Updated : October 26, 2024 12:01 PM IST

Pregnancy Tips : प्रकाश पर्व दीवाली पर घर को रोशन करने के साथ ही पटाखे फोड़ने का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है, कि दीवाली के दिन वायु प्रदूषण 10-20 गुना तक बढ़ जाता है और ध्वनि प्रदूषण 15 डेसिबल तक बढ़ जाता है। जिसकी वजह से सामान्य महिला और पुरुषों की तुलना में प्रेग्नेंट महिलाओं को अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल पटाखे जलाने से कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फ्यूरिक नाइट्रिक व कार्बनिक एसिड जैसी जहरीली गैस वायुमंड में फैलती हैं, जिसकी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं को श्वसन से संबंधित समस्याएं, गर्भपात, समय से पहले प्रसव, एलर्जी, अस्थमा और हार्ट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। आजका हमारा लेख भी इसी विषय पर आधारित है, तो चलिए जानते हैं पटाखों के धुएं से गर्भवती महिलाओं को कौन सी 7 समस्याएं हो सकती हैं।

पटाखों के धुंए से गर्भवती महिलाओं को होती हैं ये समस्याएं - Pregnant Women Face These Problems Due To Smoke From Firecrackers

श्वसन से संबंधित समस्याएं

पटाखों के धुएं में हानिकारक गैसें होती हैं, जो प्रेग्नेंट महिलाओं को श्वसन से संबंधित समस्याएं पैदा कर सकती हैं। ऐसे में अगर आपके घर में कोई प्रेग्नेंट महिला है, तो पटाखों के धुएं से बचाने के लिए उन्हें शाम में घर के अंदर ही रखें।

गर्भपात का खतरा

पटाखों के धुएं में पाए जाने वाले पार्टिकुलेट मैटर, सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे विषाक्त पदार्थों की वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ सकते है। इस लिए घर के आसपास अधिक पटाखे न जलाएं। हो सके तो इको फ्रैंडली पटाखे ही फोड़ें।

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समय से पहले प्रसव

गर्भवती महिलाओं पर पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं का काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। पटाखों के धुएं में हानिकारक गैसें - कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फ्यूरिक नाइट्रिक व कार्बनिक एसिड समय से पहले प्रसव का कारण बन सकते हैं।

गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर असर

दीवाली प्रकाश का पर्व है। इस लिए इस दिन दीप जलाएं और घरों को रोशन करें। ऐसे पटाखें फोड़ने से बचें जिससे हवाएं जहरीली हो जाएं। अपने बच्चों को भी इको फ्रैंडली पटाखे ही लाकर दें। क्योंकि पटाखों के धुएं में मौजूद विषाक्त पदार्थ, गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

एलर्जी और अस्थमा का खतरा

पटाखों के विषाक्त धुएं की वजह से गर्भवती महिलाओं में एलर्जी और अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप गर्भ में पल रहे बच्चे को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो घर के आसपास इको फ्रैंडली पटाखों का ही इस्तेमाल करें।

हार्ट से संबंधी समस्याएं

पटाखों के धुएं की वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और लकवा का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गर्भ में पल रहे बच्चे को भी खतरा हो सकता है।

न्यूरोलॉजिकल समस्याएं

पटाखे में मौजूद सीसा तंत्रिका तंत्र के लिए घातक होता है। यह ब्लड के जरिए दिमाग तक पहुंच सकता है, जो कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इस लिए इस दिवाली ग्रीन पटाखे ही जलाने का प्रयास करें, जो वातावरण के साथ ही प्रेग्नेंट महिलाओं को लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

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प्रेग्नेंट महिलाओं को पटाखों के धुएं से कैसे बचाएं?

प्रेग्नेंट महिलाओं को पटाखों के धुंए से बचाने के लिए उन्हें घर के अंदर ही रखें। इस दौरान घर की सारी खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। एयर प्यूरीफायर का भी उपयोग कर सकते हैं। जरूरत पड़े तो मास्क पहने। स्वस्थ आहार लें और धूम्रपान के सेवन से बचें। इतना करने के बाद भी अगर कोई समस्या हो रही है, तो अपने डाक्टर से सलाह लें।

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