मिसकैरेज के कितने दिन बाद करना चाहिए कंसीव? जानें कितना जरूरी है दिनों का ध्यान रखना, परेशानी से बचेंगी

गर्भपात किसी भी तरह से आपकी बच्चे पैदा करने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता है। आपको बस अपने अगले प्रयास में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत होती है। जानिए मिसकैरेज के कितने दिन बाद करें कंसीव।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 2, 2021 11:14 AM IST

किसी भी कपल के लिए गर्भावस्था के दौरान बच्चे को खोना बेहद दर्द भरा अनुभव होता है, जिसके बाद दूसरी बार गर्भधारण करने की कोशिश करने में महिला को डर लगने लगता है। ऐसी स्थिति में कपल को लगातार चिंता और तनाव हो सकता है। लेकिन अगर आप सच में बच्चा चाहते हैं तो आपको कुछ बातें समझनी होंगी। गर्भपात किसी भी तरह से आपकी बच्चे पैदा करने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता है। आपको बस अपने अगले प्रयास में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत होती है। इस लेख में हम आपको ऐसी कुछ जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहा हैं, जिनसे आपको दूसरी बार गर्भधारण करने में मदद मिलेगी। तो आइए जानते हैं मिसकैरेज के बाद गर्भधारण करने से जुड़ी कुछ खास बातें।

आप कितनी जल्दी गर्भवती हो सकती हैं?

गर्भावस्था के कारण एक महिला के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं। गर्भपात से आपके स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है इसलिए गर्भपात के बाद गर्भवती होने की कोशिश करने से पहले, कुछ महीनों तक इंतजार करना सुरक्षित होता है। गर्भाशय के पूरी तरह से ठीक होने के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। इस समय में महिला का शरीर सुरक्षित और स्वस्थ गर्भावस्था के लिए ताकत हासिल करता है। फिर से प्रयास करने के लिए कोई निश्चित समय नहीं है। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी खुद को तैयार महसूस करती हैं।

एक बार डॉक्टर से जरूर कराएं जांच

हालांकि, आपको एक बार डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए, जिससे अगर कोई समस्या हो तो पता चल जाए। अगर गर्भाशय में कोई निशान है, प्लेसेंटा के टुकड़े छूट गए हैं या ज्यादा ब्लड लॉस हो गया है तो आपको थोड़ा ज्यादा इंतज़ार करना पड़ सकता है। अगर कोई समस्या नहीं हो फिर भी भावनात्मक रूप से मजबूत होने तक इंतजार कर लेना चाहिए। आमतौर पर, गर्भपात के बाद दो सप्ताह तक सेक्स नहीं करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे संक्रमण की आशंका होती है।

क्या गर्भपात के बाद गर्भधारण करना मुश्किल है?

दूसरी गर्भावस्था के बारे में चिंतित होना सामान्य है। लेकिन अगर आप सावधानी बरतेंगे तो सब ठीक हो जाएगा। गर्भपात के बाद गर्भावस्था सामान्य गर्भावस्था की तुलना में न तो आसान होगी और न ही अधिक कठिन। ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के 2016 के एक अध्ययन से पता चलता है कि लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं गर्भपात के तीन महीने के भीतर गर्भ धारण करती हैं।

लेकिन गर्भपात से रिकवरीके दौरान, आपको अपने स्वास्थ्य पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा। साथ ही पहले गर्भपात के कारणों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी होगी।

भविष्य में गर्भपात के जोखिम को कम करने के उपाय

भविष्य में गर्भपात के जोखिम को कम करने के लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। यदि आप मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो गर्भ धारण करने से पहले पूरे शरीर की जांच करवाएं। बीमारियों को नियंत्रण में लाने के लिए सावधानी बरतें।

अपना वजन संतुलित रखें, अधिक वजन होने से गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ गर्भावस्था की कुंजी है।

संतुलित भोजन और व्यायाम करना, गर्भ धारण करने के साथ-साथ बच्चे की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। इसलिए रोज व्यायाम जरूर करें।

तनाव करने के लिए योग और ध्यान का लें सहारा

गर्भ धारण करते समय अपने तनाव को कम करने का प्रयास करें। ज्यादा तनाव से गर्भ धारण करना कठिन हो सकता है और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था हो सकती है। यदि आप चिंतित महसूस कर रहे हैं तो योग, ध्यान आदि का प्रयास करें, इससे आपको फायदा मिलेगा। अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस बारे में बात करें और यदि आवश्यक हो तो पेशेवर की मदद लें।

गर्भवती होने के लिए धूम्रपान और शराब पीना छोड़ दें। यदि आप स्वस्थ गर्भावस्था चाहती हैं तो धूम्रपान या शराब का सेवन छोड़ने का प्रयास करें। यहां तक ​​कि सेकेंड- या थर्ड-हैंड से बचने की पूरी कोशिश करें। अत्यधिक धूम्रपान और शराब का सेवन पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

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