क्या प्रेग्नेंसी में ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है?

प्रेग्नेंसी में ज्यादा स्क्रीन टाइम होने से मां पर असर पड़ता है, इस बात से आप काफी अच्छे से वाकिफ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे इन-डायरेक्ट रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। आइए जानते हैं इस बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 13, 2026 11:51 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Madhavi Reddy Vennapusa

Pregnancy Screen Time : आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी से दूरी बनाना आसान नहीं है। कई प्रेग्नेंट महिलाएं भी काम, एंटरटेनमेंट या सोशल मीडिया के लिए घंटों स्क्रीन के सामने बिताती हैं। ऐसे में एक सवाल अक्सर उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है? इस विषय को समझने के लिए हमने हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी रेड्डी वेन्नापुसा से बात की। आइए डॉक्टर से विस्तार से इस विषय को समझते हैं-

क्या कहती हैं डॉक्टर?

डॉ. माधवी रेड्डी वेन्नापुसा का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है, जो यह साबित करे कि प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक स्क्रीन टाइम सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास को प्रभावित करता है। हालांकि, इसका असर मां के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है, जो इन-डारेक्ट रूप से शिशु को प्रभावित कर सकता है।

नींद पर पड़ सकता है असर

डॉक्टर कहती हैं कि देर रात तक मोबाइल या अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल करने से ब्लू लाइट के संपर्क में अधिक समय बिताना पड़ता है। इससे मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जो नींद को नियंत्रित करता है। पर्याप्त नींद न मिलने पर गर्भवती महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। कुछ अध्ययनों में खराब नींद को जेस्टेरनल डायबिटीज,  उच्च तनाव स्तर और गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं से जोड़ा गया है।

शारीरिक गतिविधि हो सकती है कम

अगर प्रेग्नेंट महिला लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठी रहती है, तो उसकी शारीरिक गतिविधियां कम हो सकती हैं। नियमित हल्की-फुल्की गतिविधि और व्यायाम स्वस्थ गर्भावस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। लंबे समय तक एक्टिव रहने से वजन बढ़ने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

क्या बच्चे के व्यवहार पर पड़ सकता है असर?

कुछ रिसर्च में यह संकेत मिला है कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां के अत्यधिक मोबाइल फोन उपयोग और बाद में बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं के बीच संबंध हो सकता है। हालांकि, शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि इस संबंध को पूरी तरह साबित करने के लिए और अध्ययन की आवश्यकता है। इसलिए इसे प्रत्यक्ष कारण नहीं माना जा सकता।

प्रेग्नेंसी में स्क्रीन टाइम कैसे कम करें?

डॉ. माधवी रेड्डी वेन्नापुसा का कहना है कि अगर आप प्रेग्नेंसी में अपने स्क्रीन टाइम को कम करना चाहते हैं, तो कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं, जैसे-

  • सोने से कम से कम 1 घंटे पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद करें।
  • लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने पर बीच-बीच में ब्रेक लें।
  • पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
  • हल्की शारीरिक गतिविधियों और वॉक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • परिवार और दोस्तों के साथ आमने-सामने बातचीत को प्राथमिकता दें।

Disclaimer : संतुलित लाइफस्टाइल, पर्याप्त नींद और सीमित स्क्रीन टाइम मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, स्क्रीन टाइम और भ्रूण के विकास के बीच सीधे संबंध के प्रमाण सीमित हैं, फिर भी बेहतर स्वास्थ्य के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग संतुलित मात्रा में करना जरूरी है।

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