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डिलिवरी के बाद, मां को बहुत अधिक ब्लीडिंग होती है क्योंकि यूटरस अपनी रिकवरी की प्रक्रिया शुरु कर देता है। खून के यह बहाव चटक लाल, भारी और थक्केदार भी हो सकता है। यह ब्लीडिंग आपके पीरियड्स के फ्लो से अधिक हो सकती है जो 2 सप्ताह से 6 सप्ताह तक चल सकता है। जब आप सोती या आराम करती हैं तो उन 6-12 घंटों तक यह कम हो सकता है और उठने या काम करने के दौरान में यह बढ़ सकता है। इस वैजाइनल ब्लीडिंग को लोचिया (Lochia) कहा जाता है और यह एक साधारण प्रक्रिया होती है, जो गर्भाशय की सतह पर मौजूद अतिरिक्त प्लासेन्टा (placenta) बहने तक होती है।
सृष्टि हेल्थकेयर, नई दिल्ली की मालिक और अपोलो क्रैडल हॉस्पिटल में कंसल्टेंट, डॉ. सीमा शर्मा बता रही हैं कि डिलिवरी के बाद मैटर्निटी पैड का इस्तेमाल फायदेमंद क्यों होता है।
मैटर्निटी पैड क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
मैटर्निटी पैड एक्स्ट्रा लॉन्ग होते हैं जो अधिक फ्लो सोख सकता है और डिलिवरी के बाद की तकलीफदेह स्थिति में आरामदायक होता है। इंफेक्शन से बचने के लिए महिलाओं को कई बार पैड बदलने की आवश्यकता पड़ती है। महिलाओं को नरम और लंबे पैड लीक से बचाने का काम करते हैं और उनके स्टिचेस की तकलीफ को भी बढ़ने नहीं देता।
क्या मैटर्निटी पैड सैनिटरी पैड से बेहतर होते है?
मैटर्निटी पैड को सैनिटरी पैड से बेहतर माना जाता है क्योंकि वे साधारण पैड की तुलना में थोड़े अधिक मोटे और चौड़े होते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान मां का शरीर बच्चे का पोषण करता है जिसकी वजह से ब्लड वॉल्यूम 30 से 50 फीसदी बढ़ जाता है। डिलिवरी के बाद मैटर्निटी पैड का इस्तेमाल बेहतर होता है क्योंकि वह साधारण पैड के मुकाबले अधिक हेवी ब्लड फ्लो को सोख सकता है।
क्या सैनिटरी पैड की जगह मैटर्निटी पैड के इस्तेमाल से कोई अंतर पड़ेगा?
मैटर्निटी पैड डिलिवरी और डिलिवरी के बाद इस्तेमाल किए जाते हैं। मैटर्निटी पैड सैनिटरी पैड की तुलना में लगभग दोगुना फ्लो सोख सकते हैं। मैटर्निटी पैड मोटे और बड़े होते हैं जो बड़े स्थान को कवर करते हैं जबकि सैनिटरी पैड पतले होने की वजह से कम जगह कवर करते हैं। साधारण सैनिटरी पैड के ऊपर एक बुनी हुई पतली परत होती है जो आपके शरीर पर लगे टांकों या स्टिच की तकलीफ बढ़ा सकती हैं। जबकि मैटर्निटी पैड नर्म और मोटे होते हैं जो लेटते और बैठते समय आरामदायक होते हैं।
जी हां, इसकी वजह से आपको असुविधा नहीं होती क्योंकि इससे आपके कपड़ों पर कोई दाग नहीं लगता और आपके टांकों वाले स्थान पर भी तकलीफ नहीं होती। सैनिटरी पैड की बजाय मैटर्निटी पैड खरीदना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे साधारण पैड की तुलना में अधिक मोटे, लंबे और मुलायम होते हैं जिसकी वजह से आपको अधिक आत्मविश्वास और सुविधा महसूस होती है।
डिलिवरी के बाद कितने मैटर्निटी पैड की ज़रूरत पड़ती है?
ढेर सारे! आपको 12 पैड्स वाले 2-3 बड़े पैकेट्स की ज़रूरत पड़ सकती है। आपके मैटर्निटी बैग में मैटर्निटी पैड के कम से कम 2 पैकेट होने चाहिए। साफ-सफाई का ध्यान रखना भी अच्छा है। इसलिए बच्चे के जन्म के बाद बार-बार पैड चेंज करते रहिए।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock