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Test Before Pregnancy: वह समय गया जब 20 से 30 की उम्र में ही लड़कियां मां बन जाती थीं। अब कई लड़कियां 30 की उम्र के बाद शादी कर रही हैं और प्रेग्नेंसी को टाल रही हैं। इसलिए 40 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करना आज के समय में बिल्कुल भी असामान्य नहीं रहा है। लेकिन, इस उम्र के बाद प्रेग्नेंसी में काफी जटिलताएं आ सकती हैं। इसलिए गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य की जांच कराना बहुत जरूरी है। दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ फर्टिलिटी कम होने लगती है और हार्मोनल बदलाव भी होने लगते हैं। इतना ही नहीं, क्रॉनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस उम्र के बाद प्रेग्नेंसी और डिलीवरी से जुड़ी जटिलताएं भी बढ़ जाती हैं। इसलिए 40 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले कुछ टेस्ट जरूर कराने चाहिए। आइए, नर्चर की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज (Dr. Archana Dhawan Bajaj, Gynaecologist and IVF Expert at Nurture) से जानते हैं 40 की उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले कौन-से टेस्ट कराने चाहिए?
अगर आप 40 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं तो कुछ टेस्ट कराने बहुत जरूरी है। इनसे आपको अपनी सेहत के बारे में पता चलेगा, साथ ही प्रेग्नेंसी कितनी हेल्दी रहेगी इसकी जानकारी भी मिलेगी।
अगर 40 साल के बाद आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं, तो ओवेरियन रिजर्व टेस्ट जरूर कराएं। इस टेस्ट की मदद से अंडाशय में मौजूद अंडों की संख्या और गुणवत्ता का पता लगाया जाता है। दरअसल, 40 के बाद अंडों की संख्या और क्वालिटी कम होने लगती है, जिसकी वजह से कंसीव करने में दिक्कतें आती हैं। इस उम्र में मिसकैरेज का खतरा भी बढ़ जाता है।
40 के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करने के लिए पहले हार्मोनल प्रोफाइल टेस्टजरूर करना चाहिए। इसमें एफएसएच, एलएच, थायरॉयड और प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन्स की जांच होती है। हार्मोनल असंतुलन होने पर ओव्यूलेशन प्रभावित हो सकता है और कंसीव करने में समस्या आ सकती है। खासकर, थायराइड असंतुलन की वजह से प्रेग्नेंसी में जटिलाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए थायराइड की जांच कराना पहले ही जरूरी होता है, ताकि प्रेग्नेंसी में होने वाली जटिलताओं से बचा जा सके।
40 साल के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करने के लिए आपको पहले ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए। इस उम्र के बाद डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बना रहता है। हाई ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर शुगर लेवल अनियंत्रित रहता है, तो इससे बीपी की समस्या भी बढ़ सकती है। इन स्थितियों में डिलीवरी और बच्चे के विकास में समस्या आ सकती है।
अगर आप 40 साल के बाद प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो पेल्विक अल्ट्रासाउंड जरूर कराएं। इससे गर्भाशय, अंडाशय, फाइब्रॉइड और सिस्ट आदि के बारे में पता चलता है। सिस्ट या फाइब्राइड जैसी समस्याएं, गर्भधारण में जटिलताएं पैदा कर सकती हैं। इसलिए इनकी पहले ही पहचान कर लेना बहुत जरूरी है।
40 साल की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करने पर जेनेटिक और प्री-कंसेप्शन स्क्रीनिंग टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। जब उम्र बढ़ती है, तो क्रोमोसोमल असामान्यताओं का खतरा बढ़ता है। इससे डाउन सिंड्रोम या अन्य जेनेटिक समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है।
आपको बता दें कि 40 के बाद प्रेग्नेंसी संभव है। लेकिन, इस उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान करने से सारे मेडिकल टेस्ट कराने बहुत जरूरी है। इसके साथ ही, संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम भी करें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।