
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 8, 2026 6:49 AM IST
Medically Verified By: Dr. Usha Agarwal
Frequent urination during pregnancy
Frequent urination during pregnancy : प्रेग्नेंसी के दौरान बार-बार पेशाब आना एक काफी कॉमन परेशानी मानी जाती है। दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं और किडनी ज्यादा मात्रा में ब्लड फिल्टर करती है। इसकी वजह से यूरिन ज्यादा बनता है और बार-बार वॉशरूम जाने की जरूरत महसूस होती है। इस विषय पर नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. उषा अग्रवाल का कहना है कि शुरुआती महीनों में गर्भाशय ब्लैडर पर दबाव डालता है। वहीं आखिरी महीनों में बच्चे का वजन नीचे की तरफ आने लगता है, जिससे ब्लैडर पर फिर से प्रेशर बढ़ जाता है। इसी कारण कई महिलाओं को दिन और रात दोनों समय बार-बार पेशाब आने की परेशानी महसूस होती है।
डॉ. उषा अग्रवाल का कहना है कि प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। उस समय हार्मोन तेजी से बदलते हैं और ब्लड फ्लो बढ़ता है। वहीं, दूसरी तिमाही में कुछ महिलाओं को थोड़ी राहत महसूस होती है, क्योंकि गर्भाशय ऊपर की ओर उठने लगता है। लेकिन तीसरी तिमाही आते-आते ब्लैडर पर दबाव दोबारा बढ़ जाता है और पेशाब की फ्रीक्वेंसी फिर बढ़ने लगती है। प्रेग्नेंसी के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि अगर पेशाब सामान्य मात्रा में आता है और उसके साथ कोई दर्द या जलन महसूस नहीं होती, तो इसे आमतौर पर नॉर्मल बदलाव माना जाता है।
Urination In Pregnancy
डॉक्टर कहती हैं कि हर बार बार-बार पेशाब आना सामान्य नहीं माना जाता। कुछ संकेत ऐसे भी होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर पेशाब के दौरान जलन महसूस होती है, दर्द होता है या पेशाब बहुत कम मात्रा में आता है, तो यह इन्फेक्शन का संकेत माना जाता है।
इसके अलावा अगर पेशाब में खून दिखाई देता है, तेज बदबू आती है या बुखार महसूस होता है, तो तुरंत जांच कराना जरूरी माना जाता है। कई बार यूरिन इंफेक्शन प्रेग्नेंसी में जल्दी बढ़ सकता है और मां व बच्चे दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
कई गर्भवती महिलाओं को रात में बार-बार नींद टूटने और पेशाब जाने की समस्या महसूस होती है। यह काफी हद तक सामान्य माना जाता है क्योंकि शरीर में फ्लूइड का वितरण बदलता है। हालांकि, अगर हर कुछ मिनट में पेशाब की जरूरत महसूस होती है, लेकिन यूरिन बहुत कम आता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है। इसके पीछे ब्लैडर इंफेक्शन या ब्लड शुगर बढ़ने जैसी वजह भी हो सकती है।
जिन महिलाओं को पहले से डायबिटीज, यूरिन इंफेक्शन या कमजोर पेल्विक मसल्स की समस्या होती है, उनमें बार-बार पेशाब आने की शिकायत ज्यादा देखी जाती है। इसके अलावा ज्यादा पानी एक साथ पीना, कैफीन का अधिक सेवन करना और रात में चाय या कॉफी लेना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है।
डॉक्टर का कहना है कि आप इस परेशानी को पूरी तरह से रोक नहीं सकते हैं, लेकिन कुछ आसान उपायों से राहत जरूर महसूस हो सकती है, जैसे-
डॉ. बताती हैं कि अगर बार-बार पेशाब आने के साथ आपको कुछ अन्य लक्षण दिखे, तो आपको तुरंत जांच की जरूरत होती है, जैसे-
Disclaimer : प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आना ज्यादातर मामलों में शरीर का सामान्य बदलाव माना जाता है। यह हार्मोनल बदलाव और बढ़ते गर्भाशय के दबाव की वजह से महसूस होता है। लेकिन अगर इसके साथ दर्द, जलन, बुखार या खून जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जाता। सही समय पर जांच और देखभाल से मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जाता है।