प्रेगनेंसी में खट्टा खाने का करता है मन, तो जान लें ये जरूरी बातें

कभी-कभी तो हालत ऐसी हो जाती है कि मन करता है, बस अभी मिल जाए। ज्‍यादातर महिलाओं का इस दौरान खट्टा खाने का मन करता है। पर क्‍या आप जानते हैं कि ऐसा क्‍यों होता है और क्‍या होता है सेहत पर इसका असर।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 24, 2019 8:22 PM IST

गर्भावस्‍था में बहुत कुछ खाने का मन (sour food in pregnancy) करता है। कभी-कभी तो हालत ऐसी हो जाती है कि मन करता है, बस अभी मिल जाए। ज्‍यादातर महिलाओं का इस दौरान खट्टा खाने का मन (sour food in pregnancy) करता है। पर क्‍या आप जानते हैं कि ऐसा क्‍यों होता है और क्‍या होता है सेहत पर इसका असर।

क्‍यों होता है खट्टा खाने का मन (sour food in pregnancy)

गर्भावस्‍था में कभी-कभी कुछ खास खाने का मन करता है। ये सबकुछ हॉर्मोन्स में होने वाले बदलाव की वजह से होता है। ज्‍यादातर महिलाओं को इन दिनों में खट्टा खाने का मन करता है। अचार को लेकर महिलाओं में होने वाली क्रेविंग लो सोडियम की वजह से होती है। कई बार अमिया का कच्चापन या उसकी खुशबू उन्‍हें आकर्षित करती है।

फायदेमंद है खट्टा खाना

खट्टी चीजें जैसे नींबू, कच्चा आम, आंवला या अचार गर्भवती की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं।  गाजर के बने अचार में विटामिन्स, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और कई अन्य पोषक तत्व खूब होते हैं, जो गर्भवती के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि अचार-चटनी इत्यादि का अत्यधिक सेवन न करें। कोशिश करें कि बाजार का बना अचार तो बिल्कुल इस्तेमाल न करें, बल्कि घर पर ही गाजर, गोभी, कटहल, बीन्स आदि का अचार डाल लें और उसे ही खाएं. दिन में एक कच्चा आंवला खाना फायदेमंद है।

पाचन रहता है दुरुस्‍त

गर्भ में पल रहे शिशु के अच्छे विकास के मां के शरीर में पोटैशियम, सोडियम जैसे खनिज तत्वों का बैलेंस बना रहना बहुत जरूरी होता है। अचार का सेवन शरीर में खनिज तत्वों का बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है। यह मां और बच्चे दोनों के लिए अच्छा है। अचार में कई तरह के मसाले पड़ते हैं, जैसे राई, हींग, कलौंजी, सौंफ आदि, जो गैस की समस्या को तो खत्म करते ही हैं, अचार में मौजूद बैक्टीरिया गर्भवती की आंत में पहुंच कर गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र में सुधार होता है, खाना जल्दी और आसानी से पचता है और अपच व जलन की शिकायत दूर हो जाती है।

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