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प्रेग्नेंसी में लंबे समय तक कार या फ्लाइट में सफर कितना सुरक्षित?

प्रेग्नेंसी में अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि इस दौरान सफर करना सुरक्षित नहीं होता है। क्या हर मामले में ऐसा होता है? इसकी जानकारी के लिए हमने डॉक्टर से बातचीत की है। आइए जानते हैं डॉक्टर से इस विषय को अच्छे से -

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 29, 2026 10:11 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Vaishali Gautam

Travel in Pregnancy : प्रेग्नेंसी के दौरान यात्रा को लेकर अक्सर महिलाओं के मन में चिंता रहती है। कई लोग मानते हैं कि प्रेग्नेंसी में लंबी दूरी की यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होती, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि यह पूरी तरह से सही नहीं है। यदि गर्भावस्था सामान्य है और सही सावधानियां अपनाई जाएं, तो कार और फ्लाइट दोनों तरह की यात्रा अक्सर सुरक्षित मानी जाती है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि गर्भावस्था में शरीर कई बदलावों से गुजरता है, इसलिए यात्रा के दौरान अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है। इस विषय की जानकारी के लिए हमने अहमदाबाद स्थित नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली गौतम से बातचीत की है। आइए जानते हैं इस बारे में-

यात्रा के लिए सबसे सही समय कौन-सा है?

रिसर्च के मुताबिक,  प्रेग्नेंसी का दूसरा ट्राइमेस्टर (14 से 28 सप्ताह) यात्रा के लिए सबसे सुरक्षित और आरामदायक समय माना जाता है। इस दौरान मॉर्निंग सिकनेस काफी हद तक कम हो जाती है। इसके साथ ही शरीर में ऊर्जा का स्तर बेहतर होता है और गर्भपात या प्रीटर्म लेबर का जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है। महिला सामान्य गतिविधियां आसानी से कर पाती है

इसके विपरीत, पहले और तीसरे ट्राइमेस्टर में यात्रा थोड़ी अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

लंबी कार यात्रा में क्या सावधानी रखें?

कार से लंबी दूरी की यात्रा आमतौर पर सुरक्षित हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक लगातार बैठना गर्भवती महिला के लिए असुविधाजनक और कभी-कभी जोखिमपूर्ण भी हो सकता है। इसके लिए कुछ बातों पर ध्यान दें, जैसे-

  1. हर 1–2 घंटे में ब्रेक लें और थोड़ी देर टहलें
  2. शरीर को स्ट्रेच करें ताकि रक्त संचार बेहतर रहे
  3. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो
  4. भारी और तंग कपड़ों से बचें, इत्यादि

लंबे समय तक बिना मूवमेंट के बैठे रहने से पैरों में सूजन, कमर दर्द और ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है, जो गर्भावस्था में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसके साथ ही ध्यान रखें कि सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट हमेशा सही तरीके से लगानी चाहिए। बेल्ट का निचला हिस्सा पेट के नीचे और कूल्हों के ऊपर रहना चाहिए ताकि पेट पर दबाव न पड़े।

फ्लाइट से यात्रा कितनी सुरक्षित है?

सामान्य प्रेग्नेंसी में फ्लाइट यात्रा 36 सप्ताह तक सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि, यह एयरलाइन की नीति और महिला की मेडिकल स्थिति पर निर्भर करता है।

  • फ्लाइट यात्रा के दौरान लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें
  • बीच-बीच में उठकर चलने की कोशिश करें
  • शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
  • पैरों की हल्की एक्सरसाइज करते रहें और आरामदायक कपड़े और जूते पहनें।

कम ऑक्सीजन प्रेशर और लंबे समय तक बैठना कुछ महिलाओं में असुविधा बढ़ा सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

किन स्थितियों में यात्रा से बचना चाहिए?

कुछ हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में डॉक्टर यात्रा से बचने की सलाह देते हैं, जैसे-

  1. प्रीटर्म लेबर की हिस्ट्री हो।
  2. गंभीर एनीमिया
  3. हाई ब्लड प्रेशर या प्री-एक्लेम्पसिया
  4. प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलताएं
  5. मल्टीपल प्रेग्नेंसी (जुड़वां या तीन बच्चे)

इन स्थितियों में बिना डॉक्टर की सलाह के यात्रा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

यात्रा से पहले किन बातों की तैयारी जरूरी है?

गर्भवती महिलाओं को यात्रा से पहले कुछ जरूरी चीजें साथ रखनी चाहिए, जैसे -

  • सभी मेडिकल रिकॉर्ड और प्रेग्नेंसी रिपोर्ट
  • नियमित दवाइयां
  • डॉक्टर का संपर्क नंबर
  • नजदीकी अस्पताल या मेडिकल सुविधा की जानकारी
  • इमरजेंसी प्लान

यह तैयारी किसी भी अचानक स्थिति में मददगार साबित हो सकती है।

डॉ. वैशाली गौतम के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान यात्रा को पूरी तरह रोकने की जरूरत नहीं है। सही योजना, डॉक्टर की सलाह और कुछ सरल सावधानियों के साथ महिलाएं कार या फ्लाइट से सुरक्षित यात्रा कर सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गर्भावस्था में सक्रिय रहना और मानसिक रूप से तनावमुक्त रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना शारीरिक सुरक्षा का ध्यान रखना।

Disclaimer : प्रेग्नेंसी में यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि प्रेग्नेंसी सामान्य है या हाई-रिस्क। सही समय, सही तैयारी और सावधानियों के साथ लंबी दूरी की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी यात्रा से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें, ताकि मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।