... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : June 28, 2018 6:45 PM IST
मानसून खुशी का मौसम है लेकिन यह मौसम परेशानियों से भी भरा होता है, जिसकी वजहें हैं संक्रमण, एलर्जी, त्वचा की बीमारियां। प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण लेकिन मुश्किल वक़्त होता है। यह उनके जीवन का वह समय है जब खाने-पीने से जुड़ी कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं और इस वजह से गर्भवती महिला लगातार उलझन में रहती है। गर्भवती महिलाओं इंफेक्शन की संभावना सबसे अधिक होती हैं क्योंकि यह गर्भ में मां और बच्चे दोनों को प्रभावित करता है।
डॉ.रेखा डावर (हेड, ओबस्टेट्रिक्स एंड गायनकोलॉजी विभाग, रिलायंस फाउंडेशन एंड रिसर्च सेंटर) का कहना है कि, 'गर्भवती महिलाओं को थोड़ी ज़्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी और इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे अपनी उचित देखभाल करें। चूंकि, गर्भवती महिलाएं संक्रमण के लिए अधिक संवेदनशील हैं, तो यह संक्रामक भी हो सकता है।'
डॉ.रेखा डावर कहती हैं कि मानसून के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को बैक्टेरियल और वायरल इंफेक्शन, फ्लू, इन्फ्लूएंजा और ऊपरी हिस्से में श्वसन संक्रमण, मलेरिया और हेपेटाइटिस ए जैसे विभिन्न कारणों से बुखार हो सकता है।
बारिश में कैंसे रखें अपना ख्याल?
Read this in English.
अनुवादक: Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत: Shutterstock.