प्रेगनेंसी में स्ट्रेस से होता है बच्चे की सेहत पर बुरा असर, कोरोना काल में ऐसे रहें मेंटली फिट

गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर उनकी  माता की सेहत का सीधा असर पड़ता है। इसीलिए प्रेगनेंसी में महिलाओं को मेंटली और फिजिकली फिट होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।  इसीलिए, कोरोना महामारी के माहौल में प्रेगनेंट महिलाओं को खुद को मेंटली फिट रखने के लिए कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 16, 2020 6:56 PM IST

Pregnancy Care during Covid-19: कोरोना वायरस महामारी के दौर में गर्भवती महिलाओं का शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के अलावा मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी बहुत जरूरी है।  क्योंकि, उनके गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर उनकी  माता की सेहत का सीधा असर पड़ता है। इसीलिए प्रेगनेंसी में महिलाओं को मेंटली और फिजिकली फिट होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।  किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (क्वीन मेरी) लखनऊ की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता देव का कहना है कि,  कोरोना महामारी के माहौल में गर्भवती महिलाओं का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। इसीलिए, ऐसे समय में प्रेगनेंट महिलाओं को खुद को मेंटली फिट रखने के लिए कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए।

प्रेगनेंट महिलाएं कोविड-19 के दौरान ऐसे रहें स्ट्रेस-फ्री

अफवाहों से बचें

कोविड-19 के बारे में समाचार कम देखने, पढ़ने और सुनने चाहिए।  इस वैश्विक महामारी को लेकर सब परेशान हैं। ऐसे में वायरस को लेकर गर्भवती महिलाओं को भी चिंता हो सकती है। लेकिन गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए महिला का मानसिक तौर पर फिट रहना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए, कम से कम और बहुत ज़रूरी ख़बरों के लिए ही टीवी देखें या समाचार सुनें। मोबाइल फॉरवर्ड्स या चैट ग्रुप्स में होने वाली चर्चाओं का हिस्सा ना बनें। इससे, आपको बेवजह की अफवाहों की वजह से परेशानी और बेचैनी से बचने में मदद होगी।

सकारात्मक सोचें

उन्होंने कहा कि इस दौरान सकारात्मक और उत्साह बढाने वाली कहानियां पढ़ें जैसे कि हाल ही में मां बनीं महिलाओं और कोविड विजेताओं की कहानियां सबंल प्रदान करेंगी। इसके अलावा हर माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं ताकि पता चल सके उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) का कोई मामला तो नहीं है।

रखें डायट और हाइजिन का ख्याल

डॉ. सुजाता का कहना है कि गर्भवती को घर पर नियमित रूप से हाथ की सफाई करते रहना चाहिए, अपने चिकित्सक से घर पर स्वच्छता के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, हरी सब्जियों, प्रोटीन और काबोर्हाइड्रेट सहित पर्याप्त व पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।

काउंसलिंग और परिवार की मदद लें

गर्भावस्था को लेकर किसी भी तरह की चिंता में हैं तो फोन पर अपने क्षेत्र की आशा या एएनएम या प्रसूति विशेषज्ञ से संपर्क कर सकती हैं। इसके साथ ही अगर प्रसव का समय करीब है तो अपना मदर कार्ड और आपातकालीन एम्बुलेंस का नंबर तैयार रखिये। परिवार वालों को भी इस बारे में जानकारी अवश्य दे दीजिए। अस्पताल जाने पर अपने चिकित्सक के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।