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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:10 PM IST
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अनुवादक – Usman Khan
आजकल महिलाएं तीस साल की उम्र के बाद बच्चे की प्लानिंग करने लगी हैं। क्या आपको पता है इस उम्र के बाद गर्भधारण में काफी समस्याएं हो सकती हैं? दिल्ली स्थित मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की डॉक्टर शोभा गुप्ता के अनुसार,अगर आपकी उम्र 35 साल से अधिक है और बिना किसी परिणाम के लगभग एक साल से बच्चे की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको तुरंत फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर के अनुसार ऐसे कुछ लक्षण हैं, जिनसे पता चलता है कि आपको गर्भाधारण में समस्या हो सकती हैं। पढ़ें- गर्भावस्था, बांझपन और मेनोपोज़ के दौरान महिलाओं के मानसिक अवस्था से लड़ने के कुछ टिप्स
1) असामान्य पीरियड
असामान्य या अनियमित पीरियड एक संकेत है, जो महिला के बांझपन की ओर इशारा करता है। वास्तव में मासिक चक्र का अधिक लंबा यानि 35 दिन या उससे अधिक या फिर बहुत छोटा यानि 21 दिन से कम का होना ओव्यलैशन की समस्या को दर्शाता है। कई बार स्वस्थ आहार, व्यायाम और दवा से पीरियड की अवधि को निमयित किया जा सकता है जिससे आपको कंसीव करने में मदद मिल सकती है।
2) मेडिकल कंडीशन
कई बार एन्डोमेट्रीओसिस (endometriosis), पीसीओ और ट्यूबल ब्लॉकेज की वजह से भी गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है। एन्डोमेट्रीओसिस में एंडोमेट्रियल की दीवारें गर्भाशय के अंदर नहीं बल्कि बाहर की तरफ विकसित होने लगती हैं, जिससे दर्दनाक मासिक धर्म होता है। पीसीओ में अंडाशय में मौजूद छोटे तरल पदार्थ से भरे सिस्ट हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकते हैं जिससे अनओव्यलैशन (anovulation) का खतरा रहता है। वास्तव में, पीसीओ शहरी भारतीय महिलाओं के लिए बांझपन का एक प्रमुख कारण है। ट्यूबल ब्लॉकेज या फैलोपियन ट्यूब में रुकावट भी महिला बांझपन का एक प्रमुख कारण है।
3) पेल्विक इन्फ्लैमटोरी डिजीज़
ये यौन संचारित रोगों से उत्पन्न संक्रमण होते हैं, जो महिला प्रजनन अंगों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे गर्भाधान में समस्या हो सकती है। इससे अंडाशय, गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और अन्य महिला प्रजनन अंगों की क्षति हो सकती है। अगर आपको सेक्स या पेशाब के समय दर्द, खुजली और जलन होता है, तो टेस्ट कराएं।
4) थायराइड रोग
इंडियन थायराइड सोसायटी के अनुसार, पीएमएस से परेशान 70 फ़ीसदी महिलाओं को थायराइड रोग है और संभवतः बांझपन का परिणाम है। थायराइड हार्मोन सेलुलर फंक्शन, ओव्यलैशन और प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। इसलिए बच्चे की प्लानिंग से पहले थायराइड का टेस्ट ज़रूर करा लें।
5) आयु
गर्भधारण में उम्र बड़ी भूमिका निभाती है। इसलिए डॉक्टर महिलाओं को समय पर प्रेगनेंसी की सलाह देते हैं। क्योंकि एक उम्र के बाद स्वाभाविक रूप से गर्भावस्था में समस्या हो सकती है।
चित्र स्रोत - Shutterstock