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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:10 PM IST
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अनुवादक – Usman Khan
कई महिलाएं इस बात को लेकर कंफ्यूज रहती हैं कि प्रेगनेंसी किट से प्रेगनेंसी टेस्ट करने का बेहतर समय क्या होता है। हालांकि किट पर ये साफ-साफ लिखा होता है कि इसका इस्तेमाल सुबह के समय करना चाहिए। वैसे कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि इसके लिए दिन का कोई खास समय मायने नहीं रखता है। खैर, अगर आप भी इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं, तो गुड़गांव स्थित वेल वीमेन क्लिनिक में गाइनोकोलोजिस्ट डॉक्टर नूपुर गुप्ता आपकी मदद कर सकती हैं। पढ़ें- प्रेगनेंसी के दौरान बीपी कंट्रोल करने के आसान तरीके
आपको बता दें कि प्रेगनेंसी किट से यूरिन में बीटा-एचसीजी (ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन) की उपस्थिति का पता चलता है। ये हार्मोन तब जारी होते हैं, जब फर्टलाइज़ एग्स गर्भाशय से मिलते हैं। इससे आपको कंसीव होने का पता चलता है। खैर, कई एक्सपर्ट ऐसा मानते हैं कि ये टेस्ट सुबह के पहले यूरिन से करना चाहिए क्योंकि सुबह के समय यूरिन में इस हार्मोन की मात्रा अधिक होती है।
लेकिन अगर डॉक्टर नूपुर की मानें तो, दिन के किसी भी समय ब्लड और यूरिन में एचसीजी का लेवल बराबर रहता है। इसलिए पीरियड नहीं आने के शुरूआती कुछ ही हफ्तों के बाद सुबह, दोपहर या शाम को टेस्ट करने से रिजल्ट पॉजिटिव ही आता है। हालांकि पीरियड्स नहीं आने के दस दिन या एक हफ्ते बाद अगर आप टेस्ट करती हैं, तो शाम की तुलना में सुबह के समय पॉजिटिव रिजल्ट आने के अधिक संभावना होती है। क्योंकि शुरूआती दिनों ब्लड और यूरिन में एचसीजी का लेवल कम होता है और इसलिए सुबह के समय पॉजिटिव रिजल्ट आने के ज्यादा चांस होते हैं। हालांकि अगर टेस्ट शाम के समय किया जाए, तो आपको फेंट लाइन (गर्भावस्था को दर्शाना) मिल सकती है, जिसकी पुष्टि करने के लिए अन्य टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि पीरियड्स के पांच से छह हफ्ते बाद ये नहीं हो सकता है, जिसका मतलब है कि आपको दिन के किसी भी समय प्रॉपर लाइन (थिक रेड) मिल सकती है क्योंकि बाद के हफ्तों में हार्मोन का लेवल बढ़ चुका होता है।
चित्र स्रोत - Shutterstock