क्या Morning Sickness बच्चे के लिए खतरनाक है ?

क्या आप दिन में 3-4 बार उल्टियां करती हैं? कहीं आपके बच्चे को कोई खतरा तो नहीं?

WrittenBy

Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:10 PM IST

Read in English. 

अनुवादक -Sadhna Tiwari

प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस एक आम बात है। मार्निंग सिकनेस का सामना कर रही महिलाएं मतली (उबकाई), उल्टी, भूख न लगने जैसी कई शिकायतें करती हैं। ज्यादातर महिलाओं को इन समस्याओं का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन कुछ को ये समस्याएं दिनभर परेशान करती हैं। आमतौर पर प्रेगनेंसी के 3-5 महीने के बाद ये लक्षण दिखने बंद हो जाते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं को पूरी प्रेगनेंसी यानि 9 महीने तक इनका सामना करना पड़ता है।

जहां मार्निंग सिकनेस स्वस्थ गर्भावस्था का एक हिस्सा मानी जाती है वहीं, कई बार यह इतनी गंभीर होती है कि डॉक्टर की मदद लेनी पड़ती है। क्लाउडनाइन अस्पताल, मुंबई की कंसल्टेंट गाइनकालजिस्ट और आब्स्टट्रिशन डॉ. मेघना सरवैया के अनुसार, ‘अरूचि और उबकाई की समस्या साधारण है लेकिन इसके साथ ही बहुत ज्यादा उल्टियां हों और गर्भवती महिला कुछ भी पचा न पा रही हो, कमज़ोरी महसूस कर रही हो, चक्कर और थकान महसूस हो तो यह मॉर्निंग सिकनेस गंभीर मानी जाएगी, जिसे hyperemesis gravidarum कहा जाता है। सही समय पर इलाज़ मिल जाने पर बच्चे को इसके खतरे से बचाया जा सकता है। लेकिन इलेक्ट्रलाइट और खनिज के लगातार क्षरण कारण मां शारीरिक रुप से कमज़ोर जरूर बना जाती है।’ इस स्थिति को लेकर लापरवाही भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकती है क्योंकि लगातार पानी और पोषण तत्वों की कमी के कारण उसे भी पोषण नहीं मिलता। पढ़ें-शहद-तुलसी वाला ये मिश्रण दिलाएगा एसिडिटी और मतली से राहत!

hyperemesis gravidarum का इलाज

इस प्रकार की स्थिति को तुरंत इलाज की जरूरत होती है इसलिए बहुत देर करना ठीक नहीं। समस्या गंभीर होने पर इलाज के लिए गर्भवती महिला को 24 से 48 घंटों के लिए अस्पताल में रखा जा सकता है। जहां ड्रिप के ज़रिए इलेक्ट्रलाइट देकर महिला की शारीरिक स्थिति सुधारने की कोशिश की जाती है। डॉ. सरवैया बाताती हैं कि, ‘इस स्थिति में लापरवाही करना माता के शरीर को दुर्बलता और थकावट से भर देता है। हालांकि अच्छी बात ये है कि अगर ऐसी स्थिति में मां को मेडिकल ट्रीटमेंट भी करानी पड़ती है तो उससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा’।

किसे हो सकता है हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (hyperemesis gravidarum)?

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम की समस्या का सटीक कारण तो डॉक्टरों और विशेषज्ञों को अभी पता नहीं चला है। लेकिन, हार्मोन्स से जुड़े हुए बदलाव इस तरह की मॉर्निंग सिकनेस का कारण हो सकते हैं विशेषकर गर्भावस्था के दौरान स्रावित होनेवाला एचसीजी (hCG) हार्मोंन्स इसका कारण बनते हैं। हालांकि सभी महिलाओं को इस तरह की गंभीर मॉर्निंग सिकनेस का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन जिन्हें करना पड़ता है उनकी समस्याएं इन कारणों से बढ़ सकती है-

• एक से अधिक प्रेगनेंसी (Multiple pregnancies)

• मोशन सिकनेस की पुरानी समस्या

• माइग्रेन, मतली और उल्टी की गंभीर समस्या।

कब करें डॉक्टर से संपर्क?

• जब आप दिन में 4-5 बार से अधिक उल्टी करें और थोड़ा-सा खाना भी पचाने में असमर्थ हों।

• अगर उबकाई की वजह से आप कुछ भी खा-पी न सकें।

• बहुत तेज़ी से वज़न घट रहा है और बहुत अधिक थकान महसूस हो रही हो तो।

• उल्टी में खून दिखे तब।

कैसे निपटा जाए इस समस्या से?

जब आप अपने डॉक्टर से मिलने जाएंगी तो वह आपको बहुत-सी बातें बताएगा जैसे आपको क्या करना है और क्या नहीं। हालांकि अपनी ट्रीटमेंट के बाद भी इन बातों का ध्यान रखें-

• थोड़ी-थोड़ी देर बाद थोड़ा-थोड़ा खाना खाते रहें।

• जब मतली रूक जाए तो ढेर सारा पानी और तरल पदार्थ लीजिए।

• गर्भावस्था के दौरान कुछ चीजों की गंध आपको परेशान कर सकती है। तो अगर आपको उनकी पहचान हो गई है, तो उनसे बचें।

• मसालेदार और तेल में बनी हुई चीजें ना खाएं। खासकर जिन्हें पचाना आपके लिए मुश्किल हो।

चित्र स्रोत: Shuterstock


Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source