... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:10 PM IST
Read in English
अनुवादक – Shabnam Khan
प्रेगनेंसी में महिलाओं को बहुत सलाह मिलती है। डॉक्टर के अलावा भी, घर के बड़े बुज़ुर्ग, मिलने-जुलने वाली अनुभवी महिलाएं और दोस्त वगैरह कोई न कोई सलाह दे ही डालते हैं। बावजूद इसके प्रेगनेंट महिलाएं बहुत सी गलतियां कर बैठती हैं। अगर आपके घर में, दोस्तों में कोई प्रेगनेंट है या फिर आप खुद प्रेगनेंट हैं तो आपको इन गलतियों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि आप उन्हें न कर बैठें।
1) दो के लिए खाना – आपको दिन में 1800-2000 कैलोरी की जरूरत होती है। लेकिन प्रेगनेंसी में आपको 300 कैलोरी ही ज्यादा चाहिए होती है, न कि दुगुनी कैलोरी। नहीं तो आपका वज़न बहुत बढ़ सकता है जिससे आपको जेस्टेशनल डायबिटीज जैसी बीमारियां हो सकती हैं। दिन में 6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। खाने के तीन हिस्से में फल, हरी और कच्ची सब्जियों का शोरबा और नट्स रखें।
2) बिना सलाह से दवाएं खाना – प्रेगनेंसी में अपने आप बिना किसी की सलाह लिए दवाएं खाना भारी पड़ सकता है। एंटासिड, पैरासिटामोल जैसी बिना प्रेस्क्रिप्शन के मिलने वाली दवाओं और हार्श ब्यूटी ट्रीटमेंट का असर गर्भ पर पड़ सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी में सिर्फ डॉक्टर की सलाह दी हुई दवाएं ही खाएं।
3) नींद न लेना – आप अपने घर के काम और ऑफिस के काम में बैलेंस बनाने के लिए अगर नींद कम ले रही हैं तो ये आपकी प्रेगनेंसी पर भारी पड़ सकता है। इस अवस्था में आपके शरीर में कई सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं। कम नींद लेने से आपको थकान महसूस हो सकती है। कोशिश करें कि एक घंटा पहले सोने जाएं और एक घंटा देरी से उठें। मेड रखें या परिवार वालों की मदद लें, और काम पूरे करें। अगर ऑफिस में हैं तो बॉस से बात करके थोड़ा आराम का वक्त लें।
4) अपने बेबी-बंप पर ध्यान न देना – प्रेगनेंसी में महिलाएं अक्सर थकी हुई रहती हैं, इसलिए वो अपने पेट की तरफ ध्यान नहीं देती। सिर्फ तब ध्यान देती हैं जब गर्भस्थ शिशु कोई मूवमेंट करता है। जो कि गलत है। अपने पेट पर हाथ रखकर उसे दुलाकर करें और शिशु के बात करें। इस तरीके से आपके अजन्मे बच्चे और आपके बीच संबंध गहरा होगा।
5) पसंदीदा चीज़ें खाना छोड़ देना – प्रेगनेंसी का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आप बीमारों की तरह परहेज़ करें। थोड़ा बहुत अपनी पसंद का खाना चाहिए। हर पसंदीदा चीज़ से दूरी बनाने से स्ट्रेस हो सकता है जो आपके शिशु के लिए अच्छा नहीं है। पसंदीदा चीज़ें चाहे वो मीठा हो या चटपटा, उसे जरूर खाएं, लेकिन मात्रा का ध्यान रखकर।
6) एक्सरसाइज़ न करना – प्रेगनेंसी में एक्सरसाइज करने से तनाव हार्मोन कम होता है, सर्कुलेशन बढ़ता है, शरीर डिलीवरी के लिए तैयार होता है और गर्भस्थ शिशु का विकास होता है। प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों से एक्सरसाइज करें। डॉक्टर या ट्रेनर की सलाह जरूर लें। इस दौरान भारी एक्सरसाइज न करें। पेट की मांसपेशियों पर ज़ोर न डालें। आप प्रेगनेंसी योग कर सकती हैं।
7) डिलीवरी पर बिना सोचे समझे फैसला लेना – इससे पहले कि आप डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल या क्लिनिक का चुनाव करें, ये फैसला लें कि आप किस तरीके से बच्चे का जन्म चाहती हैं। फिर बाद में ऐसा हॉस्पिटल देखें जो आपकी इच्छा को पूरा कर पाए।
8) प्रसवपूर्व क्लास जॉइन न करना – प्रेगनेंसी के दौरान मां के मन में बहुत सारे सवाल आते हैं। क्यो वो अपने बच्चे की परवरिश कर पाएगी? ब्रेस्ट फीड कैसे होगा? क्या खाने से दूध सही उतरेगा? आदि। हालांकि इन सवालों का जवाब देने वाले बहुत होंगे लेकिन अगर आप खास प्रसवपूर्व क्लास जॉइन करेंगी तो अनुभवी और एक्सपर्ट लोगों से सलाह मिल पाएगी। प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में ये क्लास जॉइन करें। इसका क्रैश कोर्स भी किया जा सकता है।
चित्र स्रोत - Shutterstock