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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:09 PM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
प्रेगनेंसी में सही खानपान मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत के लिए ज़रूरी है। लेकिन इस अवस्था में सही खानपान किसी चुनौती से कम नहीं। जहां कुछ महिलाएं मॉर्निंग सिकनेस और मतली के कारण ठीक से खा-पी नहीं पाती, वहीं कुछ महिलाओं की भूख बढ़ जाने से उनका वजन भी बढ़ जाता है। वहीं प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक वज़न बढ़ने से जेस्टेशनल डायबिटीज़ (gestational diabetes), डिलीवरी के दौरान सी-सेक्शन और प्रीक्लैंप्सिया (preeclampsia) का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप अपनी डायट का पूरा-पूरा ख्याल रखें। पर कैसे? गर्भवती महिलाओं को इस बात की ठीक जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें क्या खाना चाहिए, और कब खाना चाहिए? मुंबई के लोकमान्य तिलक मेडिकल कॉलेज और सिओन हॉस्पिटल की प्रोफेसर और हेड ऑफ डिपार्टमेंट गायनाकॉलजिस्ट डॉक्टर वाय एस नंदनवार इस बारे में जानकारी दे रहे हैं। (इसे भी पढ़ें - प्रेगनेंसी में हाई ब्लड प्रेशर, ज़रूरी है ये जानकारी)
गर्भावस्था के 270 दिनों में गर्भ का धीरे-धीरे विकास होता है। ये विकास एकदम से नहीं हो जाता इसलिए कैलोरी भी धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए। ऐसे में ज्यादातर कैलोरी फल और सब्जियों से लेनी चाहिए। गर्भ के बढ़ने पर बोवेल मूवमेंट यानी आंतों की गतिविधि थोड़ी धीमी हो जाती है और पोषक की आवश्यकता बढ़ जाती है, इसलिए ये सलाह दी जाती है कि थोड़ी-थोड़ी देर बाद कुछ खाएं। खाने से मिलने वाले पोषण तत्व मां के खून के साथ मिलकर गर्भस्थ शिशु तक पहुंचते हैं इसलिए ऐसे में अधिक से अधिक वो पोषक तत्व लें जो आसानी से अवशोषित हो सकें। थोड़ी-थोड़ी देर बार कुछ खाने से शरीर में ग्लूकोज़ धीरे-धीरे रिलीज़ होता है, जिससे ब्लड ग्लूकोज़ लेवल सही बना रहता है।
टिप्स
चित्र स्रोत - Shutterstock