क्या सर्वाइकल कैंसर वाली महिला प्रेगनेंट हो सकती है, डॉक्टर ने बताए कैंसर के साथ प्रेगनेंसी मैनेज करने के तरीके

प्रेगनेंसी के दौरान सर्वाइकल कैंसर एक मुश्किल और दुर्लभ स्थिति हो सकती है। ऐसे में प्रेगनेंट महिला की देखभाल और उसे सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। साथ ही कई बातों का ध्यान रखते हुए कैंसर का इलाज और प्रेगनेंसी को मेंटेन किया जा सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 8, 2025 7:07 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vidya V Bhat

Pregnancy and Cervical Cancer: प्रेगनेंसी हमेशा से हर महिला के लिए जीवन के सबसे खुशहाली भरे फेज के तौर पर देखा जाता है। प्रेगनेंसी के साथ ही ढेर सारी खुशियां और उम्मीदें भी आती हैं। लेकिन, कुछ महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी का यह समय बहुत मुश्किल भी हो सकता है और इसकी वजह बै सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियां। प्रेगनेंसी के दौरान सर्वाइकल कैंसर से जूझना और इस बीमारी से अपने बच्चे को सेफ और सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती हो सकता है। सर्वाइकल कैंसर के बाद या कैंसर के साथ प्रेगनेंसी एक मुश्किल दौर हो सकता है जिसमें हिम्मत, सही मेडिकल केयर और एक स्ट्रॉन्ग सपोर्ट सिस्टम की जरूरत हर महिला को होती है।

डॉ. विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) बता रही हैं कि सर्वाइकल कैंसर के साथ प्रेगनेंसी में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों, सही ट्रीटमेंट ऑप्शन्स और किस तरह के इमोशनल सपोर्ट की उन्हें जरूरत पड़ सकती है।

प्रेगनेंसी में सर्वाइकल कैंसर के लक्षण क्या होते हैं? (Understanding Cervical Cancer During Pregnancy)

सर्वाइकल कैंसर दुनियाभर की महिलाओं में पाया जाने वाला एक कॉमन कैंसर है। सर्विक्स की अंदरूनी दीवारों की सेल्स में होनेवाला सर्वाइकल कैंसर एचपीवी वायरस (human papillomavirus ) से इंफेक्शन की वजह से हो सकता है। एचपीवी एक बहुत ही संक्रामक प्रकार का वायरस है।

गर्भवती महिलाओ में सर्वाइकल कैंसरकी जल्द पहचान करना जरूरी है क्योंकि कई बार इस कैंसर के लक्षण दिखायी नहीं देते हैं। इसी तरह प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली अन्य परेशानियों जैसे ब्लीडिंग, डिस्चार्ज या पेल्विक एरिया में दर्द जैसे लक्षण भी सर्वाइकल कैंसर से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में हो सकता है कि इन्हें प्रेगनेंसी से जुड़ी कॉमन समस्याएं समझकर इनकी अनदेखी कर दी जाए। इसीलिए, जल्द से जल्द सर्वाइकल कैंसर की जांच और इसकी पहचान महत्वपूर्ण है।

आंकडों के अनुसार हजार से दो हजार प्रेगनेंसी में से एक महिला में सर्वाइकल कैंसर का मामला देखा जाता है।

सर्वाइकल कैंसर का डायग्नोसिस के तरीके क्या हैं? ( Diagnosis During Pregnancy)

प्रेगनेंसी के दौरान होनेवाले रेग्यूलर चेकअप्स के दौरान पैप स्मेयर (Pap smears) और एचपीवी टेस्टिंग (HPV testing) की मदद से सर्वाइकल कैंसर का पता लगाया जा सकता हैष प्रेगनेंसी में अगर किसी तरह की समस्याएं दिखायी देती हैं तो कोलोप्स्कोपी (colposcopy) या बायोप्सी (biopsy) की भी सलाह दी जा सकती है।

कैंसर के ट्रीटमेंट में इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है कि कैंसर कहां तक फैला है। कैंसर की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए एमआरआई करायी जाती है क्योंकि सीटी स्कैन की तुलना में एमआरआई स्कैन्स अधिक सेफ हो सकते हैं।

कैंसर ट्रीटमेंट के लिए कौन-से मेथड की मदद ली जा सकती है?

प्रेगनेंसी में सर्वाइकल कैंसर का इलाज कई बातों पर निर्भर करता है जैसे प्रेगनेंसी किस तिमाही में है और सर्विकल कैंसर कौन-से स्टेज पर है। इसके अलावा प्रेगनेंट महिला की हेल्थ को भी ध्यान में रखा जाता है। प्रेगनेंसी में सर्विकल कैंसर के इलाज के मुख्य तरीके ये हो सकते हैं-

  • रेग्यूलर मॉनिटरिंग- अल्ट्रासउंड, एमआरआई स्कैन और बायोप्सी।
  • सर्जरी- कैंसर की शुरूआत में कोल बायोप्सी या सर्विक्स रिमूवल सर्जरी की जा सकती है।
  • कीमोथेरेपी (Chemotherapy)
  • सीजेरियन डिलिवरी
  • कैंसर के इलाज के लिए समय से पहले बच्चे का जन्म कराना भी एक पर्याय हो सकता है जिसके लिए सी-सेक्शन की मदद ली जा सकती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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