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प्रेगनेंसी में Preeclampsia डिसऑर्डर हो सकता है खतरनाक

भारत में लगभग 8-10 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं प्रीक्लेम्पसिया से पीड़ित हैं। यह प्रसवपूर्व मौतों और बीमारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है।

प्रेगनेंसी में Preeclampsia डिसऑर्डर हो सकता है खतरनाक
Tips to deal with a sinus infection during pregnancy. © Shutterstock

Written by Anshumala |Published : May 22, 2018 5:15 PM IST

गर्भावस्था का समय महिलाओं के लिए जटिलताओं से भरा होता है। इस दौरान सेहत के प्रति लापरवाही बरतनी ठीक नहीं। सार्वजनिक जीवन में गर्भावस्था से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर हमेशा से पर्याप्त जागरूकता का अभाव है। भारत में प्रीक्लेम्पसिया (Preeclampsia) से 8 से 10 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं पीड़ित हैं। गर्भावस्था से संबंधित प्रीक्लेम्पसिया एक अतिसंवेदनशील विकार है। हाई ब्लड प्रेशर इसके मुख्य लक्षणों में से एक है। साथ ही यूरिन में प्रोटीन का स्तर बढ़ना और हाथों-पैरों में सूजन भी इसके लक्षणों में शामिल हैं। ऐसे में उच्च रक्तचाप प्रेगनेंट महिला के लिए एक गंभीर खतरा हो सकता है।

क्या कहती है रिपोर्ट

सरकारी रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पुणे की 15 से 49 वर्ष के आयु वर्ग की 8 प्रतिशत से अधिक महिलाएं उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त हैं, जिसका यह मतलब है कि शहर में 13 महिलाओं में से 1 महिला उच्च रक्तचाप से पीड़ित है। गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप के खतरे के बारे में बताते हुए कोलंबिया एशिया अस्पताल, पुणे की सलाहकार प्रसूति-गायनकोलॉजिस्ट डॉ. मुक्ता पॉल कहती हैं, "गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप महिलाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, भले ही रोगी गर्भावस्था के दौरान या फिर पहले से ही उच्च रक्तचाप से पीड़ित क्यों न हो। गर्भावस्था से संबंधित कुछ सामान्य उच्‍च रक्‍तचाप विकारों में गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप होना, प्रीक्लेम्पसिया और एक्लेम्पिया शामिल हैं, जो मां और बच्चे के जीवन को खतरे में डालकर खतरनाक परिणाम सामने ला सकते हैं। इसके अलावा, मांओं में डायबिटीज के विकास का बहुत अधिक जोखिम रहता है।''

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20 सप्ताह संवेदनशील

आमतौर पर गर्भावस्था के लगभग 20 सप्ताह बहुत संवेदनशील होते हैं। ऐसे में यह विकार बिना किसी लक्षण के विकसित हो सकता है। हालांकि, बढ़ता रक्तचाप कुछ गंभीर संकेत देता है जैसे कि सिर में तेज दर्द, देखने में समस्‍या, मतली और उल्टी, लीवर या गुर्दे से संबंधित समस्याएं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें मूत्र में प्रोटीन का स्‍तर बढ़ जाता है।

धमनियों को करता है प्रभावित

प्रेगनेंट महिलाओं की उम्‍मीदों के लिए यह विकार अधिक जटिलता उत्‍पन्‍न कर सकता है। यह विकार धमनी को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है, जो प्लेसेंटा को रक्त प्रदान करता है। यह भ्रूण के विकास को रोक सकता है। यह विकार बच्‍चे के समय से पूर्व जन्म का कारण बन सकता है। दूसरे गंभीर विकार हेल्‍प सिंड्रोम का कारण बन सकता है। अंगों को क्षतिग्रस्त या स्ट्रोक के साथ ही हृदय संबंधी बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

Pregnant lady having veg

नमक का सेवन करें कम

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए किए जाने वाले सर्वोत्तम उपायों में सक्रिय जीवनशैली अपनाना और नमक का सेवन कम करना है। जो खाना हम खाते हैं, खासतौर पर ताजे फल और सब्जियों में पर्याप्त प्राकृतिक नमक होता है, जिससे हमारे शरीर की जरूरत पूरी होती है। इस स्थिति में कैलोरी सेवन को ध्‍यान में रखने की भी जरूरत होती है। होने वाली मांओं को नियमित रूप से उच्च रक्तचाप की जांच करानी चाहिए साथ ही आराम भी करना जरूरी है।

स्रोत: Press release.

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चित्रस्रोत- Shutterstock Images.

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