hamburger icon
A
Read in English

गर्भ में पल रहे बच्‍चे के लिए भी खतरनाक है जहरीली हवा, बरतें ये सावधानियां

देश के कुछ शहरों में प्रदूषण इतना ज्‍यादा बढ़ गया है कि वह आम आदमी को ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्‍चों को भी प्रभावित कर रहा है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Published : October 31, 2018 11:56 AM IST

हर एक लाख में 85 बच्चे हवा में घुले जहर का शिकार हो रहे हैं। हवा में घुला ये जहर सबसे ज्यादा मार बच्चों के फेफड़ों पर ही करता है। बच्चे ही नहीं ज़हरीली हवा प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी बहुत ख़तरनाक है। अगर महिला को दमा की बीमारी है तो ये मुश्किल और बढ़ सकती है।  यह भी पढ़ें - ये पटाखा फैलाता है सबसे ज्यादा प्रदूषण, न करें इस्तेमाल

प्री मेच्‍योर डिलीवरी का रहता है जोखिम 

दमा पीड़ित गर्भवती महिलाओं के लिए आखिरी छह सप्ताह का समय काफी गंभीर होता है। अत्यधिक प्रदूषण वाले कणों, जैसे एसिड, मेटल और हवा में मौजूद धूल कणों के संपर्क में आने से भी समयपूर्व प्रसव का खतरा बढ़ जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, ऐसी गर्भवती महिलाएं जिन्हें दमा है, जब वायु प्रदूषण के संपर्क में आती हैं तो उनमें निर्धारित समय से पूर्व प्रसव की आशंका बढ़ जाती है। यह जानकारी जरनल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनॉलॉजी में प्रकाशित हो चुकी है। यह भी पढ़ें - इन कारणों से हो सकती है प्री मेच्योर डिलीवरी, ऐसे करें बचाव

बढ़ रहा है सांस के रोगों का खतरा 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. के के अग्रवाल का कहना है कि दमा से पीड़ित लोगों को वायु प्रदूषण से बचने के लिए अत्यधिक प्रदूषण के समय घर से बाहर जाने से परहेज करना चाहिए। साथ ही हमें वायु प्रदूषण कम करने के उपाय करने चाहिए। वायु प्रदूषण हमारी सांस प्रणाली को प्रभावित करता है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है और दमा, ब्रांकाइटिस, लंग कैंसर, टीबी और निमोनिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। यह भी पढ़ें - स्‍मॉग से बचने के लिए खरीदना चाह रहे हैं मास्‍क, तो यह भी पढ़ लें

बरतें ये सावधानियां

  • पर्याप्‍त मात्रा में साफ पानी पीती रहें। पानी में मौजूद ऑक्‍सीजन आपकी इम्‍यूनिटी बेहतर रखेगा।
  • सुबह और शाम के समय बाहर जाने से परहेज करें।
  • इस समय पर घर के खिड़की और दरवाजे भी बंद रखें। सुबह और शाम के समय आप ताजी हवा घर में आने देने के लिए खिड़की-दरवाजे खोलती हैं। जबकि इसी समय बाहर सबसे ज्‍यादा प्रदूषण होता है।
  • प्रदूषण रोधी पौधों जैसे तुलसी, स्‍नेक कैक्‍टस, अलायॅ वेरा आदि को अपने लॉन, बालकनी या आंगन में जगह दें। इनकी संख्‍या इतनी तो होनी ही चाहिए कि एक हरियाली की एक पूरी लेयर तैयार हो सके। गर्भावस्था में ज्‍यादा होता है सर्दी-जुकाम का डर, ऐसे करें बचाव
  • अगर आप गर्भवती हैं और गर्भावस्‍था अंतिम छह सप्‍ताह में है, तो ऐसी जगह रहें जहां मेटरनिटी होम आसपास ही हो। क्‍योंकि कई बार प्रदूषण के चलते प्री मेच्‍योर डिलीवरी का जोखिम बढ़ जाता है।
  • अगर संभव हो तो भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने से परहेज करें।