Healthy Pregnancy: प्रेग्नेंसी में पेरिनियल मसाज आसान बनाती है डिलीवरी, जानें क्या है पेरिनियल मसाज और इसके फायदे

प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाएं पैरों, कमर, कंधों में मसाज करवाना पसंद करती हैं। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि मसाज करने से प्रसव पीड़ा कम होती है। पेरिनियल मसाज (perineal massage) एक ऐसी मसाज की प्रक्रिया है, जो नॉर्मल डिलीवरी को आसान बनाती है। जानें, क्या है पेरिनियल मसाज, इसे करने का तरीका और इसके फायदे...

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Written By: Anshumala | Updated : May 6, 2020 8:17 AM IST

Perineal Massage during pregnancy: प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था (pregnancy) हर महिला के जीवन का सबसे खास समय होता है। हालांकि, गर्भावस्था के पूरे नौ महीने बेहद नाजुक होते हैं, ऐसे में अपनी सेहत का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। अक्सर कुछ केसेज में समस्याएं होने पर नॉर्मल डिलीवरी की बजाय सर्जिकल डिलीवरी का सहारा लेना पड़ता है। सर्जिकल डिलीवरी काफी दर्द देने वाली होती है। डॉक्टर भी नॉर्मल डिलीवरी को ही सेहत के लिए बेहतर बताते हैं। ऐसे कई तरीके हैं, जो नॉर्मल डिलीवरी को आसान बनाते हैं, उन्हीं में से एक है पेरिनयल मसाज (Perineal Massage)। गर्भावस्था में पेरिनियल मसाज (Perineal Massage during pregnancy) करने से नॉर्मल डिलीवरी आसान और कम दर्द वाली होती है। जानें, क्या है पेरिनयल मसाज, इसे कैसे किया जाता है और इसके फायदे (Perineal Massage benefits).....

पेरिनियल मसाज क्या है (What is Perineal Massage)

वेजाइना और एनस के बीच के भाग को पेरिनियल कहते हैं। यह वेजाइना से लेकर एनस तक फैला हुआ होता है। गर्भ में पल रहे शिशु का सारा वजन आपके पेरिनियल पर ही होता है। जब सर्जरी के जरिए डिलीवरी करवाई जाती है, तो पेरिनियल एरिया को ही डॉक्टर काटते हैं। बाद में यह भाग प्रेग्नेंसी के लिए कमजोर हो जाता है। ऐसे में यदि आप चाहती हैं कि आपकी नॉर्मल डिलीवरी हो, तो आप पेरिनियल मसाज करें। इसे घर पर भी आप आसानी से कर सकती हैं। पेरिनियल मसाज प्रसव को आसान बना देता है। सर्जिकल डिलीवरी दो से तीन बार ही संभव होती है, क्योंकि सर्जरी करने से पेरिनियल एरिया कमजोर हो जाता है।

कैसे करें पेरिनियल मसाज (How to do perineal massage)

आप घर पर खुद से भी यह मसाज कर सकती हैं। यदि आपको डर लगता है या समझ नहीं आ रहा कि पेरिनियल मसाज कैसे करें, तो आप वीडियो देखें। चाहें तो किसी मसाज एक्सपर्ट की मदद ले सकती हैं। मसाज करने से पहले पेरिनियल भाग को हल्के गुनगुने पानी से साफ करें। यह मसाज आप नारियल तेल या जैतून के तेल से कर सकती हैं। हाथों में तेल लगाकर एनस और वेजाइना के बीच के एरिया में गोल-गोल घुमाव के साथ मसाज करें।

कितनी देर करें पेरिनियल मसाज

आप इसे 5 मिनट तक कर सकती हैं। आपको आराम महसूस हो, तो आप इसे 10 मिनट भी कर सकती हैं। सप्ताह में तीन से चार बार पेरिनियल मसाज की जा सकती है।

पेरिनियल मसाज के फायदे (Benefits of perineal massage)

अक्सर डिलीवरी के दौरान काफी दर्द होता है। इस दर्द को कम करना चाहती हैं, तो पेरिनियल मसाज फायदा पहुंचा सकता है। यह नॉर्मल डिलीवरी की संभावनाओं को बढ़ाता है। वजाइना और पेरिनियल एरिया में बेहतर ब्लड सर्कुलेशन होता है। वहां की मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं। यदि आप पहली बार मां बनने वाली हैं, तो इसे एक बार जरूर आजमाकर देखें।

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