क्या प्रेग्नेंसी में महिलाएं पपीता खा सकती हैं? जानिए इस अहम सवाल का जवाब डॉ. चंचल शर्मा

Papaya During Pregnancy Safe or Unsafe:प्रेग्नेंसी में पपीता खाने को लेकर अक्सर कंफ्यूजन की स्थिति रहती है। आज हम इसी कंफ्यूजन को दूर करने वाले हैं...

क्या प्रेग्नेंसी में महिलाएं पपीता खा सकती हैं? जानिए इस अहम सवाल का जवाब डॉ. चंचल शर्मा
VerifiedVERIFIED By: Dr. Chanchal Sharma

Written by Ashu Kumar Das |Published : November 24, 2025 11:47 AM IST

Papaya During Pregnancy Safe or Unsafe: प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए एक नाजुक दौर होता है। इस दौरान मां और शिशु के विकास के लिए महिलाओं को खानपान में कई प्रकार के बदलाव करने को कहा जाता है। ऐसे में महिलाएं कई प्रकार के सवाल करती हैं। इन्हीं सवालों में से एक महत्वपूर्ण सवाल है- क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाना सुरक्षित है? (Kya Pregnancy main Papita Kha Sakte hain?)। अगर आप इन दिनों प्रेग्नेंट हैं और पपीता खाने को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति में हैं, तो हम आपके इस कंफ्यूजन को दूर करने वाले हैं।

क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाना सुरक्षित है?

दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में पपीते को कषाय-तिक्त-रसयुक्त, पित्तवर्धक और अग्निदीपक माना गया है। पपीता पाचन क्रिया में सुधार करता है, कब्ज दूर करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। कच्चा पपीता (Unripe Papaya) गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक माना जाता है, क्योंकि इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो गर्भाशय को उत्तेजित करके मिसकैरेज का कारण बन सकते हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान कोई महिला पका हुआ पपीता सीमित मात्रा में खाती है, तो ये बिल्कुल सुरक्षित है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर का कहना है कि प्रेग्नेंसी की किसी भी तिमाही में पूरी तरह से पका हुआ पपीता, जिसके बीज सही तरीके से निकाले गए हों, खाना बिल्कुल सुरक्षित है। लेकिन कच्चा पपीता खाना सुरक्षित नहीं है।

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प्रेग्नेंसी में कच्चा पपीता खाने के नुकसान

  • डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि कच्चे पपीते से सफेद दूध जैसा पदार्थ निकलता है, जिसे लेटेक्स कहते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों के अनुसार यह लेटेक्स गर्भाशय को सिकुड़ने यानी Uterine Contractions के लिए उत्तेजित कर सकता है। इससे समय से पहले डिलीवरी और मिसकैरेज होने की संभावना बनती है।
  • कच्चे पपीते में उपस्थित एंजाइम पपैन शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन्स की नकल कर सकता है, जो प्रसव पीड़ा (Labour Pain) को शुरू कर सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में पका हुआ पपीता खाना सुरक्षित है?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि जी हां, पूरी तरह पका हुआ पपीता आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है और यह गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी भी हो सकता है। पूरी तरह से पके हुए पपीते में विटामिन A और C जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये प्रेग्नेंसी में महिलाओं की इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने, पाचन को मजबूत रखने और कब्ज जैसी परेशानियों को दूर करते हैं। पपीता आयरन अवशोषण (Iron Absorption) में मदद करता है, जिससे एनीमिया की संभावना कम होती है।

प्रेग्नेंसी में पपीता खाने का सही तरीका

प्रेग्नेंसी में केवल पूरी तरह पका हुआ पपीता ही खाएं। जिसका रंग गहरे पीले या नारंगी हो।

एक दिन में 1 कटोरी (150–200 ग्राम) पपीता ज्यादा न खाएं।

प्रेग्नेंसी में हमेशा खाना खाने के बाद स्नैक्स के तौर पर ही पपीता खाएं।

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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।